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Vol_Iss CH_id Lang_Chid cht_lang Langshrt LANG_VOL_ISS YYYY MMM VOL ISS Country Language Case History Title Link to the case history Combo categories Pract. No. Link for CSV file only Case History Detail for searching
11_2 623 hi_623 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 UK hindi डायरिया, श्वास लेने में परेशानी यहां क्लिक करें 4.पचन प्रणाली;19. ष्वसन प्रणाली 3542 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/623 22 अगस्त 2019 को जब चिकित्सक पेरिस में छुट्टी का आनंद ले रहे थे तो अर्धरात्रि के समय 75 वर्षीया वृद्धा के पति ने उनसे मदद की इच्छा व्यक्त की जो उसी होटल में ठहरे हुए थे जिसमें कि चिकित्सक ठहरे हुए थे। सुबह से ही वह महिला के पेट में ऐंठन, डायरिया, सिरदर्द से पीड़ित थी, कुछ-कुछ श्वास लेने में भी परेशानी हो रही थी । परंतु वह हॉस्पिटल नहीं जाना चाहती थी। चिकित्सक ने तुरंत ही निम्न कॉम्बो को अपनी emवैलनेस किट/em से बना कर दी। / डायरिया के लिये:/ #1. Eat Well + Emergency… हर 10 मिनट पर 1 घंटे तक फिर 1 घंटे के अंतराल के लिए, इसके पश्चात् 6TD/ श्वास लेने में परेशानी के लिये :/ #2. Breathe Well… उपरोक्त खुराक #1 के सामान की खुराक / प्रातः काल तक रोगी को काफी आराम मिल गया था। उसके पेट में ऐंठन, डायरिया व सिर दर्द की परेशानी नहीं थी। श्वास में 75% तक का सुधार हुआ था। रोगी के पूर्णतया स्वस्थ होने के बाद, 25 अगस्त को, खुराक को TDS कर दिया गया। तत्पश्चात 2 दिनों के बाद, खुराक को OD कर दिया तथा 29 अगस्त को उपचार को बन्द कर दिया। दंपति अपनी छुट्टियां मनाने के लिए आए थे अतः रोग मुक्त हो जाने के बाद उन्होंने छुट्टियों का पूरा आनंद लिया।/ कृतज्ञ दम्पति अभी भी चिकित्सक के साथ संपर्क में रहते हैं। / /
11_2 624 hi_624 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 UK hindi बृहदान्त्र में अल्सर के साथ कोलाइटिस यहां क्लिक करें 4.पचन प्रणाली 3542 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/624 मलेशिया की एक 53-वर्षीय महिला 2 वर्षों से पेट में ऐंठन और बार-बार शौच के लिए जाती थी, घर में लगभग 6 बार। जुलाई 2018 को किए निदान में यह पाया गया कि वह आंव से ग्रसित है। कोलोनोस्कोपी से यह मालूम हुआ कि पेट में एक गांठ और सूजन भी है। डॉक्टर के निर्देशानुसार उसने अपनी भोज्य पदार्थों में भी बदलाव कर लिया। ओट्स खाना बंद कर दिया तथा प्रोबायोटिक्स का अधिक सेवन करने लगी थी । जब 13 दिसंबर 2018 को वह वाइब्रो चिकित्सक से पुट्टपर्थी में मिली थी तो उस समय भी उसके पेट में हल्का दर्द हो रहा था और शौच के लिए भी उसे दिन में तीन बार जाना पड़ता था। किसी प्रकार का उपचार नहीं ले रही थी। चिकित्सक ने उसे वाईब्रोनिक्स 2018 पुस्तक में वर्णित निम्न कॉम्बो उपचार हेतु दिए:/ NM1 Amoebic Dysentery + NM2 Blood + NM36 War + NM80 Gastro + NM113 Inflammation + OM6 Colon + SR221 Heart Chakra + SR223 Solar Plexus Chakra + SR285 China Off + SR340 Aloe Socotrina + SR415 Terebin + SR473 CN10:Vagus + SR481 Colon Total…TDS/ 27 दिसंबर 2018 को, रोगी ने मलेशिया से रिपोर्ट किया कि पिछले एक सप्ताह से उसे पेट में दर्द नहीं था और वह दिन में एक या दो बार सामान्य रूप से शौच के लिये जाती है।उपरोक्त कांबोज को 1 माह तक लेने के पश्चात, उसकी खुराक को धीरे-धीरे कम करते हुए फरवरी 2019 के अंत में बंद कर दिया गया। जनवरी 2020 तक रोगी ने चिकित्सक को इस बात की पुष्टि की कि उसे दोबारा उस बीमारी की शिकायत नहीं हुई थी।/ #FF0000emयदि 108CC का प्रयोग कर रहें हैं तो देवें :/em CC4.6 Diarrhoea /
11_2 625 hi_625 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 India hindi धुंधली दृष्टि एवं चक्कर आना यहां क्लिक करें 18. तंत्रिका तंत्र/ स्नायू प्रणाली;7.नेत्र/आॅंरवें 1001 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/625 एक 38-वर्षीया महिला को दिन में कई बार धुंधला दिखाई देने की शिकायत थी और पिछले 3 माह से चक्कर भी आने लगे थे। काम के तनाव के कारण चक्कर बहुत अधिक आने लगते थे। उसकी डॉक्टर ने उस महिला को न्यूरोलॉजिस्ट से मिलने की सलाह दी लेकिन महिला ने उससे ना मिलने का निर्णय ले लिया इसकी बजाय उसने वाइब्रो चिकित्सक से मिलना अधिक उपयुक्त समझा तथा 5 दिसंबर 2018 को चिकित्सक से मिलने गई।/ चिकित्सक ने उसे निम्न रेमेडी दी: NM44 Trigeminal Neuralgia + NM109 Vision + NM22 Liver + SM39 Tension…TDS खाने के लिए तथा आसुत जल में डालकर दो बार आंख में डालने के लिए कहा।/ एक माह के पश्चात रोगी ने सूचित किया कि उसे 50% लाभ हुआ है। वह अब पहले की अपेक्षा अच्छी तरह देख सकती है। धुंधलेपन में कमी आ गई है तथा तनाव से चक्करों में वृद्धि नहीं होती है। 6 सप्ताह बाद 20 फरवरी 2019 तक उसकी स्थिति में 100% तक वृद्धि हो गई थी। आंखों में दवा डालना बंद कर दिया गया तथा खाने की औषधि को OD कर दिया गया जिसको उसने 6 माह तक लेना उचित समझा। तत्पश्चात खुराक को 3TW कर दिया गया । फरवरी 2020 तक रोगी बिल्कुल स्वस्थ हो गई थी लेकिन उसने कॉम्बोज़ को 3TW के रूप में लेते रहना ही उचित समझा।/ em#FF0000यदि 108CC बॉक्स का प्रयोग कर रहें हैं तो देवें em#FF0000: CC7.1 Eye tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic /
11_2 626 hi_626 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 India hindi पांव पर दर्द युक्त फोड़ा यहां क्लिक करें 21. त्वचा 1001 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/626 चिकित्सक के 49-वर्षीय पति के पांव पर एक फोड़ा हो गया था। 15 दिनों के समय में ही उसने उग्र रूप धारण कर लिया। वह ऐसा नजर आता था जैसे कि एक गेंद है और उसमें मवाद भरा हुआ है।/ 2 फरवरी 2019 को उसे निम्न औषधि दी गई:/ NM16 Drawing…6TD खाने के लिए और ऑलिव ऑयल में मिलाकर 2 बार लगाने के लिए पहले दिन।/ दूसरी खुराक लेते समय रोगी ने महसूस किया कि फोड़े की तकलीफ में सुधार हुआ है और फोड़ा बिल्कुल ठीक हो गया था। केवल एक छोटा सा छिद्र नजर आता था। उसको यह भी महसूस हुआ कि फोड़े से निकलने वाले मवाद का पैंट से संपर्क होने के कारण ही उसका पैंट उस स्थान पर गीला था । अगले ही दिन उसकी त्वचा इस प्रकार से दिख रही थी कि मानो वहां कुछ था ही नहीं। खुराक को 3 दिन के लिए TDS कर दिया गया फिर 2 दिन के लिए OD तथा 7 फरवरी 2019 को उपचार बंद कर दिया गया। फरवरी 2020 तक कोई तकलीफ नहीं हुई थी ।/ #FF0000emयदि 108CC बॉक्स का प्रयोग कर रहें हैं तो देवें /em: CC21.11 Wounds & Abrasions /
11_2 627 hi_627 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 USA hindi ठंड के कारण त्वचा पर लालिमा यहां क्लिक करें 21. त्वचा 2870 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/627 एक 63-वर्षीया महिला की पीठ पर लालिमा युक्त रैश हो गए थे। उसको यह शिकायत 15 वर्षों से थी जो सर्दी के मौसम में होती थी यह लालिमा युक्त रैशेज़ पीठ से फैल कर उसके पेट के निचले भाग तक जाते थे तथा त्वचा घिसाई यंत्र की भांति नजर आती थी। उन में खुजली अधिक सर्दी होने पर बढ़ जाती थी। कभी-कभी यह लक्षण सितंबर माह से ही होने लगते थे। जून में गर्मी हो जाने पर यह रैशेज़ समाप्त हो जाते थे। 3 सितंबर 2015 को जब चिकित्सक को दिखाया गया तो उस समय रोगी किसी भी प्रकार का उपचार नहीं ले रही थी।/ उसको निम्न औषधि दी गई: CC12.1 Adult tonic + CC21.1 Skin tonic + CC21.6 Eczema + CC21.10 Psoriasis…TDS/ 6 सप्ताह बाद रोगी ने सूचना दी कि उसके शरीर पर रैशेज नहीं है और उसकी त्वचा कांच के सामान चिकनी हो गई है अतः खुराक को BD कर दिया गया। 10 दिनों के बाद रोगी ने सूचना दी कि उसकी पीठ पर खुजली होने लगी है अतः खुराक को फिर से TDS कर दिया गया। इसके बाद उसकी स्थिति में सुधार आने लगा।/ 13 मार्च 2016 को रोगी ने बताया कि अत्यधिक सर्दी के मौसम में भी उसको कोई तकलीफ नहीं हुई थी और पिछले 4 माह से वह बिल्कुल ठीक है । खुराक को कम करके OD कर दिया गया 1 माह के लिए। इससे भी रोग ने दोबारा आक्रमण नहीं किया, अतः खुराक को पहले 3TW फिर 2TW और अंत में OW कर दिया गया। OW को 3 माह तक लेने के बाद उपचार को बंद कर दिया गया। माह पश्चात फरवरी 2017 में रोगी ने फिर सूचना दी कि रोग ने उसे बिल्कुल नहीं परेशान किया है और सर्दी के मौसम में भी वे बिल्कुल स्वस्थ रही थी । रोगी के वहां से अन्यत्र चले जाने से उससे फिर संपर्क नहीं हो सका।/ /
11_2 628 hi_628 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 India hindi पेट दर्द यहां क्लिक करें 4.पचन प्रणाली 11618 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/628 एक 47-वर्षीय युवक को पेट के दाएं भाग में रह-रहकर दर्द होता था। यह क्रम पिछले 9 माह से चल रहा था । अत्यधिक कार्यभार होने के कारण वे किसी भी डॉक्टर से संपर्क नहीं कर सका थाI उसने जब वाइब्रो चिकित्सक से 4 अगस्त 2019 को संपर्क किया तो 2 दिन से उसके पेट में लगातार दर्द हो रहा था। मुड़ने पर दर्द अधिक तीव्र हो जाता था। उसने इसके लिए किसी भी प्रकार का कोई उपचार नहीं लिया था।/ चिकित्सक ने उपचार हेतु निम्न औषधि दी:/ CC4.3 Appendicitis + CC4.10 Indigestion + CC10.1 Emergencies…6TD/ अगले दिन ही उसके दर्द की तीव्रता में 20% की कमी आ गई थी। पूरे 1 सप्ताह के बाद 11 अगस्त को उसके दर्द में 90% तक सुधार हो गया था, अब उसको बहुत हल्का दर्द महसूस होता था वह भी व्यायाम करते समय। अतः खुराक को TDS कर दिया गया। जब उसने सूचित किया कि उसे 100% लाभ हो गया है तो 18 अगस्त से खुराक को OD कर दिया गया। दर्द नहीं होने के कारण रोगी ने 29 अगस्त 2019 से उपचार लेना बंद कर दिया। पूछने पर ज्ञात हुआ कि फरवरी 2020 तक उसे दर्द नहीं हुआ था। / /
11_2 629 hi_629 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 India hindi अम्लता, फूड एलर्जी यहां क्लिक करें 4.पचन प्रणाली 11618 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/629 एक 58-वर्षीया महिला को 8 वर्ष से पेट दर्द की शिकायत होती थी विशेषकर जब भोजन चने और अधिक मिर्च के साथ बनाए जाते थे। एलोपैथिक औषधि से केवल अस्थाई राहत मिलती थी, जैसे ही वह उन औषधियों को बंद कर देती थी तो दर्द वापिस शुरु हो जाता था। वह अधिकतर मिर्च मसाले व चनेयुक्त आहार का सेवन नहीं करती थी। एक बार जब उसको गैस के कारण दर्द और गैस के ऊपर चढ़ने की शिकायत हुई तो उसने उसके लिए किसी भी प्रकार की एलोपैथिक औषधि का सेवन नहीं किया, 3 दिन परेशान होने के बाद उसने वाइब्रो उपचार शुरू किया। यह घटना अगस्त 2019 की है।/ 13 अगस्त 2019 को चिकित्सक ने उसे निम्न उपचार दिया:/ CC4.8 Gastroenteritis + CC4.10 Indigestion + CC10.1 Emergencies + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic…6TD/ तीसरे ही दिन उसे 60% लाभ हो गया था तथा एक और सप्ताह बाद सुधार 80% हो गया था। 30 अगस्त को खुराक को कम करके TDS कर दिया गया। 30 अगस्त 2019 को रोगी ने सूचित किया कि अब पूर्णतया ठीक है तो खुराक को OD कर दिया गया तथा 10 सितंबर 2019 को उपचार बंद कर दिया गया। वाइब्रो उपचार करने के बाद रोगी ने अपने आहार में चने और मिर्च मसाले भी खाना शुरू कर दिए थे परंतु उसे कोई तकलीफ नहीं हुई थी। जनवरी 2020 तक उसे कोई तकलीफ नहीं हुई थी।/
11_2 630 hi_630 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 South Africa hindi अनिंद्रा यहां क्लिक करें 15. मानसिक तथा भावनिक 3582 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/630 एक 66-वर्षीया वृद्धा पिछले 17 वर्षों से अनिद्रा रोग से पीड़ित थी। वह हर रात्रि को केवल 3 घंटे ही सो पाती थी थी। इस कारण वह आलसी, चिड़चिड़ी और शारीरिक तौर पर कमजोर हो गई थी। वह अपने घरेलू कार्य भी नहीं कर पाती थी। अनिद्रा के लिए उसने कोई उपचार नहीं लिया था।/ 19 सितंबर 2019 को वह वाइब्रो चिकित्सक के यहां पहुंची, जिसने उसे निम्न उपचार दिया:/ CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC15.6 Sleep disorders…सोने से आधा घंटा पूर्व व सोते समय। रात्रि को कभी भी उठने पर अतिरिक्त खुराक ले सकती थी।/ उसकी निद्रा का तरीका बदलने लगा तथा 1 सप्ताह बाद उसकी स्थिति में 50% तक का सुधार हो गया था । अब वह 5 घंटे की नींद लेने लगी थी । एक और सप्ताह बाद स्थिति में 80% तक का सुधार हो गया था। अब प्रसन्न रहने लगी थी और कमजोरी भी खत्म हो जाने से वह अपने दैनिक कार्यों को भी आसानी से करने लगी थी। 3 सप्ताह बाद 10 अक्टूबर 2019 को उसने सूचना दी कि वह पूर्णतया ठीक हो गई है अब एक बच्चे की भांति सोने लगी है और जब वह सो कर उठती है तो एकदम तरोताजा होती है। अब वह 8 से 9 घंटे की नींद लेने लगी थी अतः 8 दिसम्बर को, खुराक को 3TW एक सप्ताह तक उसके बाद OW कर दिया गया फिर 28 दिसंबर 2019 को उपचार बंद कर दिया गया। 25 फरवरी 2020 तक उसे कोई तकलीफ नहीं हुई थी।/ /
11_2 631 hi_631 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 India hindi दु:स्वपन को दूर करना यहां क्लिक करें 15. मानसिक तथा भावनिक 11601 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/631 एक 11-वर्षीय बालिका के पांव में बहुत दर्द रहता था विशेषकर जांघ में और पेट के मध्य में, जिसके कारण वे 3 सप्ताह से स्कूल भी नहीं जा पा रही थी। उसकी हालत को देखकर तो यही अनुमान होता था कि उसको मासिक धर्म शुरू होने वाला है। उसकी अभिभावकों ने एलोपैथिक डॉक्टर से भी संपर्क किया था, उसका भी यही अनुमान था कि यह सब मासिक धर्म शुरू होने के ही लक्षण है। औषधियों का कोई प्रभाव नहीं होने के कारण उसके अभिभावक बालिका को वाइब्रो चिकित्सक के पास 3 अगस्त 2018 को, ले गए।/ आपसी बातचीत और चिकित्सक के प्रेम पूर्ण व्यवहार से प्रभावित होकर अपनी सारी व्यथा चिकित्सक को बतलाई। उसने बतलाया कि 3 सप्ताह पूर्व उसने एक स्वपन देखा था कि एक सफेद वस्त्र पहने एक महिला उसके पास आई और उसने बालिका के मुंह और सिर पर प्रहार किया और फिर गायब हो गई। दूसरे दिन प्रातः काल से ही उसे यह असहनीय दर्द होने लगा तथा इतनी भयभीत हो गई थी कि सोते समय वह अपनी मां के साथ सोने लगी थी। उसके अभिभावकों को इस बात से बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि वह इस सत्य से अनभिज्ञ थे। बातचीत से पता चला कि उनके निवास से दो मकान छोड़कर एक मकान में एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। समस्या के कारण को समझकर चिकित्सक ने उसे निम्न उपचार दिया: CC3.7 Circulation + CC4.8 Gastroenteritis + CC4.10 Indigestion + CC10.1 Emergencies + CC12.2 Child tonic + CC15.2 Psychiatric disorders + CC18.5 Neuralgia + CC20.4 Muscles & Supportive tissue … हर 10 मिनट के अंतराल पर 1 घंटे तक तदोपरांत 6TD./ उसकी अभिभावकों ने एलोपैथिक उपचार बंद कर दिया था। 3 दिनों के पश्चात 6 अगस्त तक उसके सभी लक्षणों में 50% तक का सुधार हो गया था। उसने स्कूल जाना भी शुरू कर दिया था। खुराक को TDS कर दिया गया। 1 सप्ताह के बाद 13 अगस्त को पुल आउट होने के कारण उसके मुंह पर व हाथों पर रैशेज़ हो गए थे। लेकिन उसे औषधि का सेवन करते रहने का परामर्श दिया गया। 20 अगस्त को बालिका ने सूचना दी कि अब उसके पैरों में व पेट में दर्द नहीं है और ना ही रैशेज है।/ 27 अगस्त 2018 को उसके पिता ने सूचना दी कि अब उसकी पुत्री पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गई है, प्रतिदिन स्कूल जाती है और परीक्षा की तैयारी कर रही है। जब बोतल की सभी गोलियां समाप्त हो गई तो अभिभावकों ने उपचार बंद कर दिया। 15 फरवरी 2020 तक उस बालिका को समस्या नहीं हुई थी। पुत्री के पिता ने चिकित्सक को धन्यवाद दिया जिनकी वजह से उनकी पुत्री पूर्णतया स्वस्थ हो सकी।/ संपादकीय टिप्पणी: हम चिकित्सक के प्रयास की सराहना करते हैं कि उसमें केवल अनुमान के आधार पर ही उपचार नहीं किया बल्कि रोग के कारण को ढूंढने का प्रयास करके उसका ही उपचार किया। उपचार केवल CC12.2 Child tonic + CC15.2 Psychiatric disorders को देकर किया जा सकता था। /
11_2 632 hi_632 hi hi hi_11_2 2020 मार्च/अप्रैल_11_2 India hindi त्वचा में संक्रमण यहां क्लिक करें 21. त्वचा 11563 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/632 एक 27-वर्षीय युवती के बाएं टखने पर रैशेज़ 6 माह से थे( देखें चित्र) उस में खुजली और जलन इतनी अधिक होती थी कि वह मुश्किल से दो-तीन घंटे ही सो पाती थी। उसने किसी डॉक्टर से उपचार नहीं करवाया केवल घरेलू नुस्खे से ही काम ले रही थी। फिर उसने वाइब्रो चिकित्सक से 15 अप्रैल 2018 को संपर्क किया जिसने उसे निम्न कॉम्बो उपचार हेतु दिए:/ #1. CC12.1 Adult tonic + CC12.4 Autoimmune diseases + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC21.2 Skin infections + CC21.3 Skin allergies + CC21.10 Psoriasis + CC21.11 Wounds & Abrasions…6TD #2. CC12.4 Autoimmune diseases + CC21.10 Psoriasis + CC21.11 Wounds & Abrasions…QDS अतिरिक्त वर्जिन ओलिव ऑयल में मिलाकर बाह्य उपयोग हेतु।/ 12 दिनों के बाद रोगी को रेशेज़ में 50% लाभ हो गया था और जलन में 75% लाभ हो गया था। वह भली-भांति सोने लगी थी। औषधि #1 और #2 की खुराक को TDS कर दिया गया । 3 माह पश्चात 4 अगस्त को उसको 80% तक लाभ हो गया था। (देखें चित्र) अतः खुराक दोनों औषधियों के लिए BD कर दी गई 2 सप्ताह के लिए तत्पश्चात खुराक को OD कर दिया गया।/ अपनी इस चिकित्सा के दौरान रोगी ने यह भी बताया कि वह डिंब वाली नली में रेशेदार गांठ व PCOD से भी त्रस्त है और अब उसे अत्यधिक रक्तस्राव व पेट में दर्द है।/ अतः उसे अन्य औषधि दी गई:/ #3. CC8.7 Menses frequent + CC10.1 Emergencies + CC12.1 Adult tonic…पहले दिन प्रत्येक 1 घंटे के अंतराल पर इसके बाद 3 दिन तक 6TD फिर TDS दी गई । 9 अक्टूबर 2018 को जब वह चिकित्सक से मिलने गई तो उसके मासिक धर्म में रक्त स्त्राव बंद हो चुका था। उसकी त्वचा भी काफी ठीक हो गई थी । अतः औषधि #3 को बंद कर दिया गया और उसके स्थान पर औषधि दी गई जिसमें निम्न कॉम्बो थे:/ #4. CC8.8 Menses irregular + CC10.1 Emergencies + CC12.1 Adult tonic…TDS/ 2 नवंबर 2018 को उसके पांव की त्वचा बिल्कुल ठीक हो गई थी परंतु अब उसे रक्त स्त्राव अत्यधिक तीव्र होने लगा था, साथ ही कमर में और पेट में भी दर्द था । अतः #4 के स्थान पर औषधि #5 दी गई जिसमें निम्न कॉम्बो थे: #5. CC20.2 SMJ ain + CC20.5 Spine + #3… एक खुराक हर घंटे के बाद पहले दिन फिर 6TD तीन दिन तक तत्पश्चात TDS। 14 नवंबर 2018 तक रक्त स्त्राव बंद नहीं होने के कारण उसने एलोपैथिक उपचार के बारे में सोचा।/ इस उपचार के दौरान 28 नवंबर 2018 को रोगी ने फिर शिकायत की कि उसके पांव में फोड़ा हो गया है अतः औषधि #1 तथा #2 के स्थान पर निम्न औषधि दी गई जिसमें निम्न कॉम्बो थे: #6. CC12.4 Autoimmune diseases + CC21.3 Skin allergies + CC21.10 Psoriasis…TDS इसके अतिरिक्त वर्जिन ओलिव ऑयल में मिलाकर बाह्य रूप से उपयोग करने के लिए। #7. CC12.1 Adult tonic + #6…TDS/ 9 दिसंबर को उसके पांव में सूजन आ गई अतः#6 व #7 को निम्न औषधियों से बदल दिया गया: #8. CC21.11 Wounds & Abrasions + #6…TDS वर्जिन ओलिव ऑयल में मिलाकर बाह्य रूप से उपयोग करने के लिए। #9. CC10.1 Emergencies + CC21.11 Wounds & Abrasions + #7…TDS/ यह देखते हुए कि रोगी को कोई लाभ नहीं हो रहा है, चिकित्सक ने #8 व #9 को #10 से बदल दिया । #10. CC12.4 Autoimmune diseases + CC21.2 Skin infections + CC21.6 Eczema + CC21.11 Wounds & Abrasions…BD खंरोच के लिए, अतिरिक्त वर्जिन ओलिव ऑयल और विभूति के साथ बाह्य उपयोग के लिए। #11. CC8.1 Female tonic + CC9.2 Infections acute + CC12.1 Adult Tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC21.2 Skin infections + CC21.6 Eczema…हर घंटे पर पहले दिन, तत्पश्चात 6TD दो दिन तक उसके बाद, दिसंबर 30 से TDS।/ उसकी त्वचा में शनैः शनैः सुधार होना शुरू हो गया था तथा 21 जनवरी 2019 तक फोड़े और सूजन पूर्णतया ठीक हो गए थे, केवल निशान बाकी थे। औषधि #10 व #11 की खुराक को 2 माह के लिए OD कर दिया गया। उसके अनुमान के अनुसार उसकी त्वचा पूर्णतया ठीक हो गई थी अतः उसने 15 मार्च 2019 से उपचार बंद कर दिया था। जनवरी 2020 तक उसे किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं हुई थी।/ / img alt= src=/ckeditor_assets/ictures/522/content_11563_6_1.jpg height:385px; width:800px // img alt= src=/ckeditor_assets/ictures/523/content_11563_case_6_2.jpg height:455px; width:579px // img alt= src=/ckeditor_assets/ictures/521/content_11563_case_6_3.jpg height:381px; width:471px //
11_3 633 hi_633 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi चिलब्लेन, कलाई और उँगलियों में दर्द यहां क्लिक करें 20. कंकाल, मासपेषीयां एवं जोड़;21. त्वचा;3.परिसंचारी प्रणाली 10354 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/633 गत 10 वर्षों से एक 42-वर्षीय वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी जोकि निर्माण कंपनी में पारी में काम करते थे, की कलाई में बहुत तेज दर्द रहता था। सर्दी के दिनों में ठंडी हवा में रहने के कारण हाथ व पैरों की त्वचा में बिवाई पड़ गई थी। जिसकी वजह से उंगलियों को आसानी से ना तो मोड़ और ना ही सीधी कर सकते थे। उनकी हथेलियों में जलन और पावों में सूजन रहती थी। सर्दी के मौसम में दर्द बहुत ज्यादा हो जाता था खासकर जब उनकी ड्यूटी रात्रि की होती थी। तब उनकी उंगलियां लाल, सुन्न और जकड़ जाती थी जैसे कि किसी ने उन्हें जमा दिया हो। गर्मी शुरू होते ही उनकी स्थिति में सुधार होना शुरू हो जाता था। कई वर्षों से वह एलोपैथिक उपचार ले रहे थे लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। वह रात्रि को ठीक से सो भी नहीं पाते थे और वह दर्द निवारक औषधियों का सेवन करने लगे थे। इसके अतिरिक्त अब उनमें भूलने की समस्या भी जन्म लेने लगी थी। 30 सितंबर 2018 को, वह चिकित्सक के पास कैंप में, उपचार के लिए गए जहां उन्हें निम्न औषधि दी गई:/ Move Well-2* + Tiredness/Fatigue** + CC9.2 Infections acute + CC12.4 Autoimmune diseases + CC15.6 Sleep disorders + CC21.2 Skin infections + CC21.3 Skin allergies…QDS/ एक माह बाद एक नवंबर को रोगी ने बताया कि वह अपनी उंगलियों को काफ़ी सहजता से हिला-डुला लेता है। उसकी हथेलियों की जलन और पावों की सूजन ठीक हो गई है। वह बहुत खुश था कि वह अब वह बाइक को चलाने योग्य हो गया है। अन्यथा वह 10 सालों से पीछे की सीट पर ही बैठता था। अब दर्द निवारक दवा के बिना ही ठीक से सो पाता था। खुद की स्थिति में सुधार देखकर उसने एलोपैथिक दवाइयों को बंद कर दिया था। 22 नवंबर 2019 तक, वह बिल्कुल स्वस्थ हो गया था। अत: खुराक को TDS कर दिया गया। दिसंबर में वह दवा लेने नहीं आया परंतु जनवरी 2020 में उसने सूचित किया कि अब वह 100% फिट है। पूरा सर्दी का मौसम बिना किसी परेशानी के बीत गया। वह बिल्कुल स्वस्थ हो गया था और अपने कार्य को सुचारू रूप से करने लगा था। रोगी को यह मत था कि रोग फिर से नहीं होगा, अतः वह दुबारा दवाई लेने नहीं आये, परन्तु उसने अपने कई साथियों को उपचार के बारे में जानकारी देकर उपचार के लिए भेजा। अप्रैल 2020 तक, यह रोग उसे दुबारा नहीं हुआI/ संपादकीय टिप्पणी : रोगियों की विशेष आवश्यकता अनुसार (कैम्प) में अपने वैलनेस किट में दो अतिरिक्त कॉम्बो जोड़ लिए थे और उन्होंने अपने रोगियों के उपचार में उनका उपयोग किया। उसमें CC9.2 Infections acute को डाला गया क्योंकि रोगी निरंतर शिफ्ट कार्य करने के कारण विभिन्न परिस्थितियों में रहता था। स्किन रेमेडीज को इसलिए मिलाया गया कि सर्दी के कारण त्वचा में संक्रमण ना हो जाए। CC15.6 Sleep disorders नहीं दी गई क्योंकि उसे रात्रि में नींद की आवश्यकता नहीं थी; वह दिन में सोते थे।/ *Move Well 2: CC3.7 Circulation + CC12.1 Adult tonic + CC18.5 Neuralgia + CC20.2 SMJ ain + CC20.3 Arthritis + CC20.4 Muscles & Supportive tissue + CC20.5 Spine/ **Tiredness/Fatigue: CC3.1 Heart tonic + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC17.3 Brain & Memory tonic + CC18.1 Brain disabilities/ /
11_3 634 hi_634 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi अम्लता यहां क्लिक करें 4.पचन प्रणाली 12013 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/634 एक 62-वर्षीय पुरुष को वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी के पद से उच्च पद जो अधिक जिम्मेदारी का पद था, पर वर्ष 2006 में, पर्मोट किया गया था। इससे वह अधिक तनाव ग्रस्त हो गया था तथा मुंह में खट्टेपन, डकार, पेट फूलने, अम्ल पर्तिवाह जैसी शिकायत होने लगी थी, यह शिकायतें उसे सुबह के नाश्ते व हर बार के भोजन के बाद होती थी। सुबह एक बार में ही उसका पेट साफ नहीं होता था, उसे दो-तीन बार जाना पड़ता था। वर्ष 2007 में, उसके डॉक्टर ने उसको प्रतिदिन पेंटासिड खाने की सलाह दी थी। उसने यह गोली लगातार 5 वर्षों तक खाई। इस गोली से उसे आराम तो मिला परंतु जो समस्याएं थी वह तो ज्यों की त्यों ही रही। वह इन समस्याओं का सामना,1 सप्ताह में दो-तीन दिन तक, करता था । वर्ष 2010 में,वह सेवानिवृत्त हो गया अतः ऑफिस का तनाव भी खत्म हो गया था लेकिन तनाव अभी भी कायम था, क्योंकि वह अब बहुत सी सेवा गतिविधियों में मुख्य भूमिका निभाने लगा था। वह अभी भी अपनी एलोपैथिक गोलियों पर निर्भर था वह सोचता था कि इसके अलावा कोई अन्य उपाय भी नहीं है। वर्ष 2011 में,वाईब्रोनिक्स चिकित्सक बनने के बाद उसने स्वयं पर रेमेडीज के प्रभाव को जांचने का का मन बना लिया। उसने 8 नवंबर को निम्न औषधि का सेवन शुरू कर दिया: CC4.1 Digestion tonic + CC4.10 Indigestion + CC15.1 Mental & Emotional tonic…QDS/ तीन माह में ही उसे पेट फूलने, अम्ल प्रतिवाह, डकार आने की समस्या से 70% निजात मिल गई थी। 15 फरवरी 2012 को उसने पेंटासिड गोली को एक दिन छोड़ कर लेना शुरू कर दिया। 31 मार्च से उसने इस गोली को हफ्ते में केवल दो बार लेना शुरू कर दिया। वह वाइब्रॉनिक्स औषधि को निरंतर लेता रहा। 1 जुलाई को वह पूर्णतया स्वस्थ हो गया था। पेंटासिड को लेना बंद कर दिया तथा वाइब्रो औषधि की खुराक को भी TDS कर दिया गया था। ढाई माह बाद भी किसी लक्षण की वापसी नहीं हुई तो उसने खुराक को OD कर दिया उसके पश्चात, 15 नवंबर 2012 को उसने उपचार को बंद कर दिया। अभी तक उन्हें किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं हुई है।/ /
11_3 635 hi_635 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi माइग्रेन यहां क्लिक करें 11. सिर 12013 & 11553 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/635 एक 29-वर्षीय महिला को वर्ष दिसम्बर 2014 से तीव्र सिर दर्द की शिकायत थी। उसको हर माह 15 से 20 दिन इसी प्रकार की दर्द में बिताने पड़ते थे। सिर दर्द आंखों के ऊपर से शुरू होता था फिर वह सिर के बायीं और होने लगता था और सोते समय तक होता रहता था। कभी-कभी उसको सर्दी भी लगती थी और ज्वर भी हो जाता था। ज्वर 102supo/sup F तक हो जाता था और उसे एलोपैथिक औषधि का सेवन करना पड़ता था। सिटी स्कैन से भी किसी प्रकार की अनिमियतत्ता नहीं आई थी। उसके विचार से यह समस्या उसके अत्यधिक कार्य के दबाव और मानसिक तनाव के कारण है। उसने एलोपैथिक औषधियों को लेना शुरू कर दिया परन्तु पेट में जलन होने के कारण उन्हें छोड़ दिया।/ दिसंबर 2015 में उसने होम्योपैथी उपचार शुरू किया और जनवरी 2017 तक उसको 75% तक लाभ मिल गया था। सिर दर्द की समस्या अब सप्ताह में एक बार ही होती थी और अब तीव्र भी नहीं होती थी तथा 3 से 4 घंटे तक रहती थी। जून 2017 तक अधिक लाभ ना होने के कारण और अत्यधिक व्यय के कारण यह उपचार बंद कर दिया। 15 दिन के बाद सिर दर्द फिर उसी तीव्रता और आवृत्ति के साथ उभरा जो पहले थी। अत: उसे उपचार फिर से शुरू करना पड़ा। 75% लाभ के लिए उस 8 माह तक उपचार लेना पड़ा था। तभी से वह किसी अन्य उपचार की तलाश में थी। तभी उसको वाइब्रॉनिक के बारे में मालूम हुआ। उसने होम्योपैथिक उपचार को बंद कर दिया तथा 15 फरवरी 2018 को चिकित्सा से मिलकर कर उपचार शुरू कर दियाI उसको निम्न औषधि गई:/ CC4.10 Indigestion + CC11.3 Headaches + CC11.4 Migraines + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC19.5 Sinusitis…6TD/ 30 अप्रैल 2018 को रोगी ने सूचित किया कि अब वह पहले की अपेक्षा अच्छा महसूस कर रही है। उसको ढ़ाई माह पूर्व जो तकलीफ थी वह अब नहीं है। दर्द की आवृत्ति भी कम हो गई थी और दर्द भी ज्यादा देर तक नहीं रहता है। 30 जून को खुराक को TDS कर दिया गया। सिर दर्द निरंतर कम होता गया और 30 सितंबर 2018 को बिल्कुल समाप्त हो गया था। वह औषधि को TDS रुप में कुछ और माह तक लेना चाहती थी जिससे कि बीमारी फिर से प्रगट ना हो जाए। अप्रैल 2018 को खुराक को OD कर दिया गया जो अब तक चल रही है। अप्रैल 2020 तक, वे दवाई को ले रही थी और उसे बंद नहीं करना चाहती है।/ /
11_3 636 hi_636 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi बेल्स पाल्सी यहां क्लिक करें 18. तंत्रिका तंत्र/ स्नायू प्रणाली 12013 & 11553 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/636 अमेरिका में एक 62-वर्षीय महिला पिछले 6 माह से अत्यधिक तनाव ग्रस्त थी। 4 जून 2015 को जब वह अपनी कार चला रही थी तो उसे अपने चेहरे के बांई और सुन्नपन और दर्द युक्त खिंचाव महसूस हुआ अतः उसे अपनी कार को सड़क के किनारे रोकना पड़ा। उसे ऐसा महसूस हुआ कि उसके मुंह पर लकवे का प्रभाव हो रहा है, अत: वह आपातकालीन सहायता के लिए एक हॉस्पिटल में गई। डॉक्टर ने इसका निदान बेल्स पाल्सी के रूप में किया तथा उसे बताया कि यह एक गंभीर बीमारी है इसमें हफ्तों तक स्टेरॉयड के सेवन और फिजियोथेरेपी कराने के बाद भी ज्यादा उम्मीद नहीं है। उसने स्टेरॉयड लेने का विकल्प नहीं चुना बल्कि सलाह के अनुसार सप्ताह में दो बार फिजियोथेरेपी शुरू की। उसका मुंह बांई और लटक गया था और उसमें कोई गतिविधि भी नहीं थी। अपने मुंह में भोजन को लेकर उसको चबाने की स्थिति में नहीं थी। भोजन करते समय वह होठों, गालों को काट लेती थी । स्थिति में कोई सुधार ना होने से चिंतित भी रहने लगी थी और उसका तनाव का स्तर भी और बढ़ गया था। 18 जून 2015 को वह बहुत निराश थी अतः उसने अंतरतम से स्वामी से प्रार्थना की तभी उसको आंतरिक चेतना से सूचना मिली कि उसे तुरंत ही चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए, उसके मित्र के अभिभावक USA में आए हुए हैं। उसने तुरंत ही उनको फोन किया और उनकी पुत्री उसके लिए औषधि लेकर आ गई । औषधि में निम्न कोंबो मिलाए गए थे: CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC18.4 Paralysis…6TD/ 21 जून 2015 को जब चिकित्सक सांई सेंटर गए तो उनको वह रोगी भी दिखाई दी लेकिन अब उसके चेहरे पर लक्वे के कोई चिन्ह नहीं थे। उसने बड़ी खुशी के साथ बतलाया कि अब उसके चेहरे पर लकवे का कोई चिन्ह भी नहीं है और वह बिल्कुल सामान्य है, यह मात्र 48 घंटे में ही हो गया था। उसकी किसी भी नस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। 24 जून 2015 को खुराक को TDS कर दिया गया। रोगी को ऐसा नहीं लग रहा था कि उपचार को आगे चालू रखा जाए, अत: उसने एक माह तक उपचार लेने के बाद उसे बंद कर दिया । वह चिकित्सकों से निरंतर संपर्क बनाए रखती है। अप्रैल 2020 तक उसे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई थी।/ रोगी के विचार: “48 घंटों के बाद मेरा चेहरा बिल्कुल सामान्य हो गया था । किसी भी नस को कोई नुकसान नहीं हुआ था। वाइब्रॉनिक्स औषधि लेने के पूर्व मैं अपनी बाई आंख को झपक भी नहीं सकती थी, मुझे अपनी उंगली की मदद से आंख को बंद करना पड़ता था और अक्सर पानी से साफ करना पड़ता था। स्वामी की कृपा और अंकल के प्रेम से मैं बिल्कुल ठीक हूं गई हूं और सामान्य हूं।” “यह समाचार जान कर डॉक्टर को भी आश्चर्य हुआ। इतनी जल्दी ठीक होने की प्रक्रिया के बारे में उसने कोई समाचार सुना ही नहीं था। वह भी बिना किसी स्टेरॉयड की मदद के। डॉक्टर का कहना है – ‘ emयह वास्तव में एक आश्चर्यजनक घटना है। डॉक्टर के रूप में आज तक इस प्रकार की घटना नहीं देखी है।/em’ /
11_3 637 hi_637 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi चिंता, अवसाद, आंतकी हमले, टिनिटस यहां क्लिक करें 5.कान/श्रवणेन्द्रिय ;15. मानसिक तथा भावनिक 2899 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/637 एक 63-वर्षीय महिला चिंता, अवसाद, आंतकी हमले, अनिद्रा, टिनिटस जैसे रोगों से पिछले 10 वर्षों से त्रस्त थी। वह पूर्ण रूप से एलोपैथिक औषधियों पर निर्भर थी। इन औषधियों से यह रोग नियंत्रण में रहते थे। अतः वह अपने दैनिक कार्यो को सफलतापूर्वक कर लेती थी। यदि वह औषधि बंद कर देती तो उसकी स्थिति बहुत खराब हो जाती । और दवाइयां लेने के बाद ही उसकी तबीयत ठीक होती थी और इसमें भी अधिक समय लग जाता था। अभी की स्थिति की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी, जब पैनिक अटैक बहुत गंभीर हो गये थे, कानों मे भिनभिनाहट की आवाज़े आने लगती थी और भूख भी कम लगती थी। वह सीधे अपने कार्यस्थल को जाती थी और वापस घर आ जाती थी वह कहीं जाने से या आगंतुकों के घर पर आने से बहुत परेशान हो जाती थी। कानों में आवाज आने की वजह से ठीक से सो भी नहीं पाती थी। नींद की गोलियों से भी उसे राहत नहीं मिलती थी। वह इससे इतना परेशान हो गई थी कि उसने कार्य पर, जुलाई 2016 से, जाना भी छोड़ दिया था। डॉक्टर बजिंग का कारण जानना चाहते थे। 24 जुलाई 2016 को उसे MRI के लिए भेजा गया परंतु उसकी तबीयत दिन प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही थी। यद्यपि उसका एलोपैथी पर अत्यधिक विश्वास था फिर भी अपनी 20 वर्ष की मित्रता के कारण उसने चिकित्सक से मिलने का मानस बना लिया था। 23 अगस्त 2016 को चिकित्सक ने उसे निम्न औषधि दी:/ #1. CC5.3 Meniere’s disease + CC10.1 Emergencies + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC15.2 Psychiatric disorders + CC15.6 Sleep disorders + CC17.3 Brain & Memory tonic…TDS/ रोगी की जुड़वा बहन के चिकित्सक से संपर्क में थी अतः उसने चिकित्सक को बताया कि औषधि #1 की एक खुराक लेने के बाद उसने दवा नहीं ली है। अगले 2 महीने के दौरान उसकी तबीयत और अधिक खराब हो गई थी अतः उसका हॉस्पिटल में आना जाना लगा रहता था। वह कुछ भी नहीं खा पाती थी और बहुत कमजोर हो गई थी । वह सो भी नहीं पाती थी। अब वह घर से बाहर भी नहीं जा सकती थी। अब उसे ऐसा लगने लगा था कि कोई भी उसकी मदद नहीं कर सकता है। उसने अपनी बहन से कहा कि अब वह मरने वाली है।निराशा की हालत में उसकी बहन ने चिकित्सक से 28 अक्टूबर 2016 को संपर्क किया। चूंकि रोगी वाइब्रॉनिक्स औषधि का सेवन ही नहीं करना चाहती थी तो ऐसी स्थिति में क्या किया जा सकता था इस बात पर दोनों में विचार विमर्श हुआ। चिकित्सक ने हाल ही में अपना SVP कोर्स किया था अतः उसने ब्रॉडकास्टिंग माध्यम से उपचार करना शुरू कर दिया । उपचार 31 अक्टूबर को रोगी की फुल साइज फोटो के साथ किया गया। जिस कॉम्बो से उपचार किया गया था वह थी:/ #2. NM5 Brain TS + NM6 Calming + NM12 Combination-12 + NM88 Meniere’s Disease + / SM39 Tension + SM41 Uplift…TDS/ औषधि शुरू करते ही रोगी को थोड़ा आराम मिला उसने थोड़ा खाना भी खाया। उसी दिन शाम को वह अपने पुत्र और पौत्रों से मिलने के लिए गई। ब्रॉडकास्टिंग जारी था, अब वह भोजन करने लगी थी और बातचीत भी करने लगी थी। 3 दिन में ही उसमें 50% अंतर आ गया था आंतकी हमले में और भूख में लेकिन कानों में आवाज आने में कोई कमी नहीं हुई थी। अतः 3 नवंबर 2016 को रेमेडी को बदल दिया गया: / #3. SM19 Ears + #2…TDS/ 8 नवंबर 2016 तक रोगी की अवस्था में सुधार हो गया था। कानों में आवाज आने की समस्या में केवल 60% का अंतर आया था। अब उसका MRI का परिणाम आना बाकी थाI कुछ दिनों के पश्चात वह भी आ गया थाI उसके अनुसार उसकी स्थिति बिल्कुल सामान्य थी, उसे कोई बीमारी नहीं थी। रोगी अब औषधि को लेने के लिए तैयार हो गई थी अत: उसकी बहन ने औषधि #3 दे दी थी अब ब्रॉडकास्टिंग बंद कर दिया गया थाI/ जनवरी 2017 के अंत तक कानों में आवाज की तीव्रता में 60% की कमी हो गई थी। इस समय एक सलाहकार ने उसका निरीक्षण करके बताया कि आवाज आने का कारण एलोपैथिकऔषधियों का दुष्प्रभाव है अतः डॉक्टर ने एलोपैथिक औषधियों को कम करके वाइब्रॉनिक औषधियों को उसी रूप में चालू रखना शुरू कर दियाI इससे उसकी स्थिति में मार्च के अंत तक 80% सुधारहो गया था।/ अतः खुराक को BD कर दिया गयाI जुलाई 2017 तक, वह पूर्णतया ठीक हो गई थी उसकी औषधि भी बंद कर दी गई थीI वह अब बिल्कुल सामान्य है और उसे किस भी प्रकार की परेशानी सितंबर 2017 तक नहीं हुई थीI/ चिकित्सक की टिप्पणी – जब खुराक को BD किया गया था तो रोगी ने औषधि को लेना बंद कर दिया और इस बारे में किसी को भी नहीं बताया था। बिना दवाई के ही दिसंबर 2019 तक बिल्कुल ठीक थी। जब उसको चिंता करने की बीमारी का हल्का आघात लगा। लेकिन उसने किसी भी प्रकार की औषधि लेने का निर्णय नहीं लियाI इस विश्वास के साथ कि वह स्वयं ही ठीक हो जाएगी। यद्यपि उसको एक हल्का आघात लगा था परंतु उसमें इतना साहस उत्पन्न हो गया था कि 10 वर्ष तक बीमार रहने के बावजूद बिल्कुल ठीक हो गई थी और अब हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार थी वह भी बिना किसी दवाई के। emयदि 108 CC बॉक्स प्रयोग कर रहें हैं तो देवें /em #2em:/em CC5.3 Meniere’s disease + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC17.2 Cleansing; और #3: CC5.1 Ear infections + CC5.3 Meniere’s disease + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC17.3 Cleansing /
11_3 638 hi_638 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi बांझपन – स्तम्भन दोष, डिम्बग्रंथि सिस्ट यहां क्लिक करें 14. पुरुष अवयव;8.स्त्री अवयव 10980 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/638 एक युवा दंपति 3 वर्ष से संतान के लिए प्रयत्नशील थे। उनका विवाह 2011 में हुआ था। 10 मार्च 2014 को, 26 वर्षीय युवक चिकित्सक के पास अपनी मेडिकल रिपोर्ट लेकर गया, जिसके अनुसार युवक नपुंसकता का रोगी था । उसने आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक उपचार पर काफी पैसा खर्च कर दिया था परंतु लाभ नहीं हुआ। उसको निम्न औषधि दी गई:/ CC14.3 Male infertility…TDS / दो सप्ताह बाद रोगी ने सूचना दी कि उसको 50% का लाभ हो गया है। 6 अप्रैल 2014 को वह अपनी पत्नी को लेकर चिकित्सक के पास गया। दोनों प्रसन्न नजर आ रहे थे पति का इलाज से रोग दूर हो चुका था, परंतु वह रेमेडी को ढाई माह तक लेने के बाद 20 जून 2014 को अपने हिसाब से बंद कर दिया यह सोच कर कि अब इसकी कोई आवश्यकता नही थी।/ पत्ति को इतनी जल्दी ठीक हो जाने से प्रेरित होकर 23 वर्षीय वह युवती भी वाइब्रॉनिक्स औषधि को चाहती थी। उसे 1 वर्ष से अनियमित मासिक धर्म की शिकायत थी। उसके दो मासिक धर्म के बीच में अंतर दो-तीन माह का होता था। दिसम्बर 2013 में, अल्ट्रासाउंड से ज्ञात हुआ था कि उसको डिंब ग्रंथि पुट्टी की समस्या है। उसको 5 अप्रैल 2014 को, निम्न उपचार दिया गया:/ CC8.1 Female tonic + CC8.4 Ovaries & Uterus + CC8.8 Menses irregular…TDS / उसके मई से जुलाई तक, तीन चक्र समय से हुए। उन्हें अपार प्रसन्नता हुई जब वह अगस्त 2014 में गर्भवती हो गई। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच से पता चला कि डिंब ग्रंथि में पुट्टी नहीं है। गर्भावस्था के दौरान उसे औषधि लेते रहने की सलाह दी गई। उस दंपति ने 29 मई 2015 को सुखद सूचना दी कि उन्हें स्वस्थ पुत्री की प्राप्ति हो गई है। वह दोबारा गर्भवती हुई और मई 2018 में पुत्र का जन्म हुआ। मां और पुत्र दोनों स्वस्थ हैं। अब उनका पूरा परिवार केवल वाइब्रॉनिक्स औषधियों का ही सेवन करता है। अप्रैल 2020 तक वह सभी स्वस्थ एवं प्रसन्न थे।/ रोगी की टिप्पणी – 15 मार्च 2019: मार्च 2014 में मैंने और मेरी पत्नी ने क्रमशः नपुंसकता एवं डिंब ग्रंथि की पुट्टी एवं अनियमित मासिक धर्म के लिए उपचार लिया था। हमारे विवाह के 3 वर्ष बाद भी संतान नहीं हुई थी। 3 माह तक उपचार करने के बाद मेरी पत्नी गर्भवती हुई और 8 मई 2015 को हमें पुत्री की प्राप्ति हुई। अभी हाल ही मई 2018 में हमें एक पुत्र की प्राप्ति हुई। वर्ष 2014 से अभी तक हमने उपरोक्त समस्या के लिए कोई उपचार नहीं लिया है और कोई तकलीफ भी नहीं हुई है। हमें इन रोगों में मदद करने के लिए, हम वाईब्रोनिक्स उपचार और साईं बाबा के आभारी हैं। /
11_3 639 hi_639 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi मासिक धर्म का दर्द, रक्ताल्पता, अम्लता यहां क्लिक करें 4.पचन प्रणाली;3.परिसंचारी प्रणाली ;8.स्त्री अवयव 11585 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/639 एक दूरस्थ गांव की 38-वर्षीय महिला को मासिक धर्म के समय तीव्र वेदना होती थी। यह समस्या उसे पिछले 25 वर्षों से थी यद्यपि रक्त स्त्राव सामान्य ही था। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दर्द जब असहनीय हो जाता था तो वह दर्द निवारक गोलियों का सेवन कर लेती थी। 2 साल पूर्व, उसके पेट में जलन भी होने लगी थी तब वह एंटासिड गोली का सेवन करती थी। मार्च 2017 में, मालूम हुआ कि उसके शरीर में रक्त की कमी है, उसका Hb काउंट 7 था, जो कि सामान्य स्तर 12-16g/dL से बहुत कम था। 25 अप्रैल 2017 को वह चिकित्सक के पास आई और अपनी कमजोरी और थकान के बारे में चर्चा की। उसको निम्न औषधि दी गई:/ emमासिक धर्म और रक्ताल्पता के लिए /em:/ #1. CC3.1 Heart tonic + CC8.8 Menses irregular + CC12.1 Adult tonic…TDS उसने औषधि #1 को शुरू करने के पहले दर्द निवारक गोलियों का सेवन बंद कर दिया था लेकिन एंटासिड का उपयोग जारी था । 19 मई 2017 को जब वह चिकित्सक से मिलने आई तो बहुत प्रसन्न थी। इस बार उसे मासिक के समय दर्द नहीं हुआ था, 25 वर्षों में पहली बार। उसको औषधि #1 को लेते रहने के लिए कहा गया और उसको अम्लता के लिए औषधि दी गई:/ emअम्लता के लिये/emem:/em/ #2. CC4.10 Indigestion…TDS/ इस दवा को शुरू करने के बाद, उसमें एंटासिड लेना भी बंद कर दिया था। 8 सप्ताह के बाद 16 जुलाई को उसने सूचित किया कि जून और जुलाई के मासिक धर्म के समय कोई दर्द नहीं हुआ और पेट में जलन की समस्या भी पूर्णतया ठीक हो गई है। उसको अब कमजोरी और थकान की समस्या भी नहीं है। वह अब रक्त परीक्षण की आवश्यकता महसूस नहीं करती है। औषधि #1 व #2 की खुराक को BD कर दिया गया 2 सप्ताह के लिए फिर 2 सप्ताह के लिए OD, फिर धीरे धीरे कम करते हुए OW तथा 30 सितंबर 2017 को बंद कर दी। वाइब्रॉनिक्स दवा के प्रभाव से प्रेरित होकर उसके परिवार के सभी सदस्य इन्हीं औषधियों का सेवन करने लग गए। अप्रैल 2020 में मिली सूचना के आधार पर वह बिल्कुल स्वस्थ एवं प्रसन्न है। / /
11_3 640 hi_640 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi कब्ज़ यहां क्लिक करें 4.पचन प्रणाली 11614 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/640 एक 61 वर्षीय वृद्ध महिला पिछले 5 वर्षों से कब्ज से पीड़ित थी। यद्यपि वह प्रतिदिन 2 लीटर पानी पी लेती थी। वह संतुलित भोजन करती थी जिसमें फलों और सब्जियों का भी समावेश होता था। पेट साफ करने के लिए उसे काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, इसके साथ ही उसे रेचक का भी उपयोग करना पड़ता था। इतना सब करने पर भी उसे 3 दिन में एक बार दस्त होता था। 7 सितंबर 2019 को, उसे निम्न औषधि दी गई: CC4.1 Digestion tonic…TDS/ 1 सप्ताह पश्चात रोगी ने बताया कि उसे 30 से 40 प्रतिशत तक का लाभ हुआ है क्योंकि अब वह एकांतर दिनों में दस्त के लिए जाती है और पहले की अपेक्षा अब तकलीफ भी कम होती है। एक और सप्ताह के बाद वह पूर्णतया ठीक हो गई थी और प्रतिदिन पॉटी के लिए जाने लगी। 4 अक्टूबर 2019 को रोगी ने बतलाया कि 3 दिन पूर्व उसने रेचक औषधियों का सेवन भी बंद कर दिया है। उसका पेट अब बिल्कुल ठीक है और 5 वर्षों से चल रही बीमारी दूर हो गई है। खुराक को कम करके OD कर दिया गया और धीरे-धीरे कम करते हुए OW कर दी। 28 अक्टूबर को उसने स्वयं ही उपचार को बंद कर दिया, उसे अब इसकी आवश्यकता महसूस नहीं होती थी। अप्रैल 2020 तक, उसे यह समस्या दोबारा नहीं हुई।/ /
11_3 641 hi_641 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 India hindi स्पॉन्डिलाइटिस, त्वचा पर खुजली यहां क्लिक करें 20. कंकाल, मासपेषीयां एवं जोड़;21. त्वचा 11614 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/641 एक 54-वर्षीय पुरुष को कई प्रकार के रोग थे। जब वह चिकित्सक के पास आए तो उन्हें दोनों कंधों में जकड़न, गर्दन में जकड़न थी पिछले 6 माह से और वह अपनी गर्दन को बिना तकलीफ के घुमा नहीं पाते थे। वह किसी भी प्रकार की दवा का सेवन नहीं करते थे। पिछले 3 माह से उनके बाएं हाथ और बांई पिंडली में बहुत खुजली होती थी जिससे वह बहुत परेशान थे। डॉक्टर द्वारा बताए गए मल्लम को लगाने से कोई लाभ नहीं हुआ, अतः उसको भी छोड़ दिया। 15 दिन पूर्व गर्दन और कंधे का दर्द असहनीय हो गया। डॉक्टर ने बताया कि यह स्पॉन्डिलाइटिस है। डॉक्टर ने फिजियोथैरेपी उपचार कराने की सलाह दी। 1 सप्ताह तक उसने यह उपचार लिया परंतु इससे भी कोई विशेष लाभ नहीं हुआ, अतः उसे एलोपैथिक औषधियों का सहारा लेना पड़ा, दूसरे सप्ताह में। इससे उसको थोड़ा आराम मिला परंतु दर्द तो अभी भी कायम था। बाद में 3 दिन पूर्व, उसे बाएं कंधे में सुन्नपन का एहसास होने लगा था। तब उसने एलोपैथिक उपचार को छोड़कर कर वाइब्रॉनिक्स उपचार को शुरू किया। 25 सितंबर 2019 को चिकित्सक ने उसे निम्न औषधि दी:/ CC20.5 Spine + CC21.3 Skin allergies…TDS/ 5 दिन में ही सुन्नपन ठीक हो गया इसके साथ ही गले और कंधे की जकड़न में भी फायदा हुआ। खुजली में भी 60-70% का लाभ हुआ था। 17 अक्टूबर 2015 तक वह 100% तक ठीक हो गया था। उसने कहा यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि अपनी सभी शारीरिक समस्याओं से वह मुक्त हो गया है। यह सब उपचार मात्र 18 दिनों में ही हो गया था। खुराक को पहले OD तक कम करने के बाद 3 सप्ताह के लिए OW करके बंद कर दिया गया। दिसंबर 2019 को रोगी ने सूचित किया कि सब कुछ बिल्कुल ठीक है। अप्रैल 2020 तक, रोगी को दोबारा तकलीफ नहीं हुई थी।/ /
11_3 642 hi_642 hi hi hi_11_3 2020 मई/जून_11_3 UAE hindi पापुलर पित्ती यहां क्लिक करें 21. त्वचा 3552 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/642 एक 37-वर्षीय महिला के हाथ, पांव और पेट पर बहुत खुजली होती थी। वह महिला गर्भवती भी थी। उसकी बीमारी का निदान पित्ती के रूप में किया गया था । डॉक्टर ने उसे कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम लगाने की सलाह दी थी। रोगी उस क्रीम का उपयोग नहीं करना चाहती थी। वह आयुर्वेदिक उपचार के रूप में नीम पेस्ट, ग्वार पाठा का जैल और ओट मील से स्नान करती थी, परंतु इनका प्रभाव भी नगण्य ही था। वह चिकित्सक के पास 18 जुलाई 2016 को पहुंची, उसे निम्न औषधि दी गई: #1. CC13.1 Kidney & Bladder tonic + CC21.3 Skin allergies…TDS तथा पानी में मिलाकर बाह्य उपयोग के लिए…BD, सुबह नहाने के बाद और रात्रि को सोने से पहले।/ #2. CC8.2 Pregnancy tonic…TDS/ अगले दिन हाथ व पांव पर खुजली बढ़ गई थी लेकिन रोगी दवा को निर्धारित खुराक के अनुसार TDS ही लेता रहा। 2 दिनों के बाद वृद्धि अपने आप ही कम हो गई और उसी सप्ताह में हाथ व पैर की खुजली में 90% का लाभ हो गया था, पांवो की खुजली में भी 50℅ की कमी हो गई थी।/ तीसरे सप्ताह के अंत तक, 7 अगस्त 2016 को, खुजली एकदम ठीक हो गई थी। रोगी को उस समय और भी अधिक खुशी हुई जब उसे यह ज्ञात हुआ कि जहां पर शल्यक्रिया की गई थी उस स्थान का दर्द भी ठीक हो गया था। औषधि #1 खुराक को कम करके 1 सप्ताह के लिए BD कर दिया गया उसके पश्चात एक माह तक OD करके 15 सितंबर तक बंद कर देना था। उसको औषधि #2 को शिशु के जन्म लेने तक लेना था। अक्टूबर 2016 को उसने एक बालक को जन्म दिया। रोगी ने 2019 में जब चिकित्सक से संपर्क किया था उसको किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई थी।/ /
11_1 613 hi_613 hi hi hi_11_1 2020 जनवरी/फरवरी_11_1 Croatia hindi Allergy to Worms यहां क्लिक करें 21. त्वचा;4.पचन प्रणाली 1616 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/613 A 39-year-old male was suffering for the ast 25 years from rash all over his body, especially on the face, diagnosed as urticaria (hives). Tests showed he was allergic to a lot of food items. For the ast 2 months, his condition was worse with slightly elevated swelling of the rash. Though reluctant due to the side effects he suffered earlier, he took allopathic medicines to get some relief. As there was no improvement, he stopped taking them before meeting the ractitioner on 18 May 2018./ Noticing that the atient often rubbed and scratched his nose, indicative of worms, the ractitioner suggested to get his stools examined and in the meantime gave the following remedy: #1. CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC21.3 Skin allergies + NM35 Worms…TDS/ After 1 week he reported mild decrease in rash and had stopped rubbing or scratching his nose. After about 4 weeks on 25 June 2018, the rash had disappeared but he saw some worms and white spots in his stools, though he did not go for a athological test. The ractitioner did not now feel the need for Mental & Emotional tonic, so #1 was changed to: #2. CC21.3 Skin allergies + NM35 Worms…OD/ On 29 July 2018, he conveyed he was feeling really good as he could eat everything without any reaction; also there was no worm in his stools. So, #2 was gradually reduced and stopped on 15 September 2018. After a year, though free of allergy, the atient took #2 from the ractitioner for a month to cleanse his body of any ossible worms or arasites. As of December 2019, there has been no recurrence of any of his symptoms./ /
10_1 548 hi_548 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi माइग्रेन यहां क्लिक करें 11. सिर 11586 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/548 एक 34-वर्षीय महिला 10 वर्षों से अपने सिर के बायें भाग में दर्द से पीड़ित थी। हर बार यह दर्द 2 घंटे तक रहता था। आई.टी में कार्यरत होने के कारण उसे दिन भर कम्प्यूटर पर कार्य करना पड़ता था। वह इस दर्द के कारण भयभीत रहती थी और जब भी आवश्यकता पड़ती थी वह दर्द निवारण गोली का सेवन कर लेती थी। उसकी माँ को खाँसी में वाइब्रो उपचार से बहुत जल्दी लाभ हो गया था इसी से प्रेरित होकर उसने वाइब्रो उपचार लेने का मानस बना लिया। 8 फरवरी 2018 को उसे निम्न उपचार दिया गया :/ CC11.3 Headaches + CC11.4 Migraines + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic…TDS/ एक सप्ताह बाद उसने बतलाया कि इस औषधि की पहली खुराक लेने के बाद एक भी बार सिर दर्द नहीं हुआ है। चिकित्सक ने उसे औषधि को TDS रूप में ही लेते रहने की सलाह दी। एक माह बाद उसकी औषधि को गलत स्थान पर रख दिया गया लेकिन तब तक रोगी 2 माह के लिये जर्मनी चली गई। इस दौरान उसे साप्ताहिक रूप से कभी-कभी सिर दर्द की शिकायत हो जाती थी परन्तु कुछ समय के लिये ही। स्वदेश लौटने पर चिकित्सक ने वही औषधि 20 मई 2018 को दी।/ 2 माह तक औषधि का सेवन करने के बाद केवल सिर को धोने के बाद ही दर्द का अहसास होता था अन्यथा सिर दर्द नहीं होता था। केवल एक बार तीव्र सिर दर्द हुआ जो एक घंटे तक रहा। इस दौरान उसने किसी भी दर्द निवारण का सेवन नहीं किया। 5 माह बाद खुराक को BD कर दिया गया। हर बार सिर धोने के पश्चात् कुछ समय के लिये सिर दर्द हो जाता था। अब उसको सिर दर्द होने का भय समाप्त हो गया था अतः कम्प्यूटर पर आराम से कार्य करती थी। अगले दो सप्ताह के पश्चात् सिर दर्द पूर्णतया समाप्त हो गया था अतः खुराक को OD कर दिया गया। 6 दिसम्बर 2018 को उनकी माता जी का देहान्त हो गया और परम्परा के अनुसार उन्हें कई बार सिर धोना पड़ा। उन्हें कोई सिर दर्द नहीं हुआ। 23 दिसम्बर 2018 को खुराक को कम करने से पहले OD एक माह तक लेने की सलाह दी गई। इसके पश्चात् एक वर्ष तक cleansing और immunity की औषधियों को वैकल्पिक रूप से लेते रहने के लिये वह सहमत हो गई जिससे कि रोग दुबारा न हो सके।/ /
10_1 549 hi_549 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi निम्न रक्तचाप, थकान यहां क्लिक करें 3.परिसंचारी प्रणाली ;12. प्रतिरक्षक प्रणाली 11586 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/549 42 वर्षीय एक खाती की पिछले 20 वर्षों से निम्न रक्तचाप की शिकायत थी, एक साल से वह थकान भी महसूस करने लगा था। वह रक्त चाप के लिये ऐलोपैथिक औषधियों का सेवन कर रहा था परन्तु उनका कोई प्रभाव नहीं हो रहा था। उसने अपना खाती का काम कुछ समय के लिये बन्द कर दिया था और अब वह सुबह अखबार बाँटने लग गया था। यह कार्य वह 24 अत्यधिक ऊँचे भवनों में करता था। इस कार्य के दौरान वह पेशाब करने भी नहीं जा पाता था अतः वह पेट में दर्द भी महसूस करने लगा था। उसके भोजन का समय भी अनियमित था और थोड़े-थोड़े समय के अन्तराल पर चाय पीता रहता था वह पान खाने का आदी था और हर समय पान चबाता रहता था।/ 10 मई 2017 को उसे निम्न औषधि दी गई / CC3.2 Bleeding disorders + CC4.1 Digestion tonic + CC12.1 Adult tonic + CC13.1 Kidney & Bladder tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC18.1 Brain disabilities…TDS/ दो सप्ताह के बाद उसने बतलाया कि अब उसे थकान महसूस नहीं होती है। एक और सप्ताह के बाद उसका रक्त चाप भी सामान्य हो गया था अतः उसके डाक्टर ने उसकी निम्न रक्त चाप की औषधि को बन्द कर दिया। वाइब्रोचिकित्सक ने वाइब्रो औषधि को OD रूप में एक माह तक लेने की सलाह दी। जल्द ही उसकी बार-बार चाय पीने की आदत छूट गई तथा भोजन भी समयानुसार करने लगा। अखबार बाँटने के साथ-साथ वह अपना खाती का कार्य भी करने लगा। उसने चिकित्सक के पास दवा लेने के लिये आना बन्द कर दिया यह कहते हुये कि अब वह बिलकुल स्वस्थ्य हो गया है। दिसम्बर 2018 तक उसका रक्त चाप सामान्य था तथा वह बिलकुल स्वस्थ्य महसूस कर रहा था तथा अपना सभी कार्य पूर्ण क्षमता के साथ कर रहा था। वह अभी भी निरंतर पान खाता रहता था और इस आदत को छोड़ना भी नहीं चाहता था।/ / /
10_1 550 hi_550 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi कुत्ते को चोट लगना यहां क्लिक करें 20. कंकाल, मासपेषीयां एवं जोड़;21. त्वचा;1.रोगी तथा रोग का विवरण 11586 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/550 जिस भवन में चिकित्सक रहते थे, उसमें एक आवारा कुत्ता 8 वर्षों से रह रहा था। वह उस भवन की चैकीदारी भी करता था। 2 वर्ष पहले उसे एक मोटर साईकिल ने टक्कर मार दी थी। उसे उस समय प्राथमिक चिकित्सा दे दी गई थी। उसके बाद उसकी कोई देखभाल न होने से उसकी हालत दयनीय हो गई थी। उसकी त्वचा पर चकत्ते पड़ गये थे, वह कुछ भी नहीं खा पाता था।/ 25 मार्च 2017 को चिकित्सक ने उसे निम्न औषधि का सेवन करवाया :/ #1. CC1.1 Animal tonic + CC20.7 Fractures + CC21.1 Skin tonic…BD, उसके पीने के पानी में। / 2 हफ्तों के बाद वह थोड़ा-थोड़ा चलने लगा था और खाने भी लगा था। एक और सप्ताह के बाद उसकी त्वचा में कोई प्रभाव न होने से चिकित्सक ने #1 में विभूति मिलाकर उसके नहाने के पानी में मिला दी और उसके पश्चात् उसको उसकी त्वचा पर भी लगा दिया, फिर भी उसकी त्वचा पर कोई प्रभाव नहीं हुआ अतः #1 के स्थान पर निम्न औषधि तैयार की और उसके पीने के पानी में मिला दिया : / #2. CC1.1 Animal tonic + CC10.1 Emergencies + CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC18.1 Brain disabilities + CC20.3 Arthritis + CC20.4 Muscles & Supportive tissue + CC20.5 Spine + CC21.1 Skin tonic + CC21.11 Wounds & Abrasions…BD/ एक सप्ताह में ही त्वचा में सुधार होने लगा और उसे भूख भी लगने लगी थी। औषधि को #2, को देने के 7 सप्ताह के बाद वह बिलकुल स्वस्थ्य हो गया था। औषधि को चार सप्ताह तक OD रूप में चालू रखा गया तदुपरान्त उपचार बन्द कर दिया गया। दिसम्बर 2018 तक वह बिलकुल स्वस्थ्य था।/ / /
10_1 551 hi_551 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi असंयमिता, शुष्क मुँह, उच्च रक्त चाप यहां क्लिक करें 13. गुर्दे तथा मूत्राषय;3.परिसंचारी प्रणाली ;11. सिर 10001 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/551 एक 79-वर्षीय महिला बहुमूत्रता कभी-कभी जलन के साथ पिछले 6 माह से ग्रसित थी। उसकी जीभ यकायक शुष्क हो जाती थी, लाल भी हो जाती थी तथा दिन में एक या दोबार बोलने की क्षमता भी प्रभावित हो जाती थी। / 27 अप्रैल 2018 को उसको निम्न उपचार दिया गया:/ #1. CC11.5 Mouth infections + CC13.3 Incontinence + CC15.1 Mental & Emotional tonic…TDS/ उसके सभी लक्षण दो सप्ताह के उपचार से ठीक हो गये। खुराक को धीरे-धीरे कम करके OW कर दिया गया एक माह में, उसके पश्चात उपचार बन्द कर दिया गया। वह दुबारा 26 मई 2018 को अन्य समस्या को लेकर चिकित्सक के पास पहुँची। उसका रक्त चाप 2 वर्षों से अधिक रहता था यद्यिपि वह ऐलोपैथिक औषधियों का सेवन कर रही थी। उसको निम्न उपचार दिया गया:/ #2. CC3.3 High Blood Pressure (BP)…TDS/ एक सप्ताह बाद उसने सूचित किया कि पहली बार 2 वर्षों में उसका रक्त चाप सामान्य हुआ है। उसके बाद से यह सामान्य बना हुआ है। दिसम्बर 2018 तक मुँह की शुष्कता और असंयमिता का दुबारा प्रभाव नहीं हुआ है। उसका BP सामान्य बना हुआ है, वह वाइब्रो और ऐलोपैथिक दवाओं का सेवन कर रही है।/ /
10_1 552 hi_552 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi आँख की पलक पर गाँठ यहां क्लिक करें 7.नेत्र/आॅंरवें;2.सिंहावलोकन 10001 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/552 एक 15-वर्षीय बालिका की बायीं आँख की पलक पर 4-5 mm की गाँठ 4 माह से थी। इसके लिये वह ऐलोपैथिक औषधियाँ ले रही थी, आँख में भी एक दवा डालने की थी, परन्तु उनसे कोई लाभ नहीं हुआ।/ 20 अप्रैल 2018 को उसको निम्न उपचार दिया गया:/ CC2.3 Tumours & Growths + CC7.3 Eye infections + CC10.1 Emergencies + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC17.3 Brain & Memory tonic…TDS मौखिक रूप से और BD पानी में बाहरी उपयोग के लिये।/ एक माह बाद गांठ आधी हो गई तथा उसकी ललाई भी कम हो गई। दो महीने बाद, आँख बिल्कुल सामान्य हो गई। खुराक को 2 हफ्ते के लिये OD कर दिया गया तत्पश्चात् OW कर दिया गया। वह औषधि को OW के रूप में मार्च 2019 तक अपनी परीक्षा के समय तक लेते रहना चाहती है।/ /
10_1 553 hi_553 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi सोरायसिस यहां क्लिक करें 21. त्वचा 10001 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/553 एक 30 वर्षीय महिला के हाथों, पाँवों और हथेलियों में लाल रंग के धब्बे पड़े हुये थे, यह समस्या उसे पिछले 10 वर्षों से थी। केवल हथेलियों में खुजली होती थी। इसका निदान सोरायीसस के रूप में किया गया था परन्तु वह किसी भी प्रकार का उपचार नहीं लेती थी।/ 12 दिसम्बर 2015 को उसने चिकित्सक से संपर्क किया तब उसे निम्न उपचार दिया गया:/ #1. CC10.1 Emergencies + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC21.10 Psoriasis…TDS/ 15 दिनों के बाद खुजली में तो फायदा हुआ परन्तु धब्बों में कोई कमी नहीं आई। एक माह के पश्चात् चिकित्सक ने #1 को नया रूप दिया। इस बार उसने #1 में CC10.1 नहीं मिलाया।/ #2. CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC21.10 Psoriasis…TDS/ 3 माह के पश्चात् उसकी त्वचा सामान्य हो गई थी। खुराक को धीरे-धीरे कम करते हुये OW कर दिया गया। अगस्त 2016 से वह रख रखाव की दृिष्ट से इसी खुराक का सेवन कर रही है। नवम्बर 2018 में जब उसने चिकित्सक से संपर्क किया तो उसकी त्वचा सामान्य थी।/ / /
10_1 554 hi_554 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi जीर्ण साइटिका दर्द यहां क्लिक करें 20. कंकाल, मासपेषीयां एवं जोड़ 11600 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/554 चिकित्सक की 75-वर्षीय माँ के दाहिने पाँव में दर्द रहता था, विशेषकर घुटनों में, 10 वर्षों से। आवश्यकता पड़ने पर वे दर्द निवारक औषधि का सेवन कर लेती थी। लेकिन इससे उनकी समस्या का समाधान कुछ समय के लिये ही होता था।/ AVP बनने के तुरंत बाद ही चिकित्सक ने उनका उपचार करने का मानस बना लिया तथा 13 अगस्त 2018 को उन्होंने निम्न उपचार दिया: #1. CC12.1 Adult tonic + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC20.3 Arthritis…TDS/ रोगी ने 3 दिन के बाद 30% और 7 दिन के बाद 50% आराम होने की सूचना दी। वाइब्रो चिकित्सा शुरू करने के पहले ही दर्द निवारक औषधियों का प्रयोग बन्द कर दिया था।/ 23 अगस्त 2018 को उनके पीठ में और पूरे पाँव में दर्द बढ़ गया था। औषधि #1 को तुरंत ही बदल दिया गया:/ #2. CC3.7 Circulation + CC18.5 Neuralgia + CC20.4 Muscles & Supportive tissues + CC20.5 Spine + CC20.6 Osteoporosis + #1…TDS/ 26 अगस्त 2018 को रोगी को सर्दी जुकाम की शिकायत शुरू हो गई अतः उनको निम्न औषधियाँ दी गई: #3. CC9.2 Infections acute + CC19.6 Cough chronic…TDS/ अगले 3 दिनों के बाद रोगी को सर्दी जुकाम में 80% का लाभ हो गया तथा दर्द में भी 50% तक का लाभ हो गया था। #2 व #3 की खुराक को अब OD कर दिया गया। महीने के अन्त तक 12 सितम्बर को रोगी ने पूर्ण आराम की सूचना दी। दोनों औषधियों की खुराक को कम करना शुरू कर दिया गया पहले 3TW फिर 2TW और अंत में OW दिसम्बर 2018 तक रोगी औषधि को OW की खुराक में सेवन कर रही थी। तब तक किसी भी समस्या के लक्षण दुबारा प्रकट नहीं हुये थे। / सम्पादकीय टिप्पणीः सामान्यता खुराक को कम करने की विधि लक्षणों के समाप्त् होने पर ही की जाती है। इस विशेष जीर्ण रोग के उपचार में खुराक में कमी 50% रोग के लक्षण समाप्त होते ही शुरू कर दी गई, फिर भी 100% आराम बहुत जल्दी प्राप्त हो गया। /
10_1 555 hi_555 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 Gabon hindi विटलो यहां क्लिक करें 21. त्वचा 3572 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/555 एक 35-वर्षीय महिला के बायें हाथ की रिंगफिंगर में 3 दिन से अत्यधिक दर्द था। ऊंगली के ऊपरी भाग से नाखून तक सूजन भी थी। इसका निदान विटलो के रूप में किया गया था। उसने किसी भी प्रकार का उपचार नहीं लिया था। चिकित्सक से उसने 5 अगस्त 2018 को संपर्क किया था। उससे प्रश्न किया गया था कि क्या पहले भी इस प्रकार की तकलीफ हुई थी तो उसने बतलाया कि लगभग 20 वर्ष पूर्व भी यह तकलीफ हुई थी तथा दर्द भी बहुत अधिक था।/ उसको निम्न उपचार दिया गया:/ CC18.5 Neuralgia + CC21.11 Wounds & Abrasions… खुराक हर 10 मिनट के बाद 1 से 2 घंटे तक उसके उपरान्त TDS./ एक घंटे के अन्दर ही उसका दर्द 50% कम हो गया था। अगले घंटे के अन्त तक दर्द लगभग समाप्त हो गया था। रोगी ने सोचा कि रोग समाप्त हो गया है अतः औषधि का सेवन बन्द कर दिया। लेकिन 3 दिन पश्चात् दर्द पुनः उभर गया। अतः उसने औषधि को TDS के रूप में लेना शुरू कर दिया। उस रात्रि को उसका दर्द समाप्त हो गया। इस डर से कहीं यह फिर न उभर न जाये, उसने औषधि का सेवन TDS की खुराक में जारी रखा। 2 सप्ताह के बाद खुराक को OD कर दिया गया। अगले 2 सप्ताह बाद उपचार बन्द कर दिया गया। नवम्बर 2018 तक उसको कोई समस्या नहीं थी।/ /
10_1 556 hi_556 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 Gabon hindi सिर की त्वचा पर फंगस, काला जादू, कमजोर याददाश्त यहां क्लिक करें 17. अन्य;21. त्वचा;15. मानसिक तथा भावनिक;11. सिर 3572 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/556 चिकित्सक के 9-वर्षीय पुत्र के सिर की त्वचा पर संक्रमण था जो रूसी के समान दिखाई पड़ता था, इसका फैलाव गर्दन तक था (देखें चित्र) . img alt= src=/ckeditor_assets/ictures/460/content_case_555_fungus_on_scalp.jpg height:648px; width:784px // इसमें कभी-कभी खुजली भी होती थी। जब भी कोई अभिभावक उसके बालों को संवारता था, रूसी के समान सफेद कण गिरने लगते थे। उसकी गर्दन के दाहिनी और पीछे की ओर तथा सिर के ऊपर बड़े-बड़े दाग भी थे। ये सभी लक्षण तीन वर्ष पूर्व शुरू हो गये थे। उसने कई प्रसिद्ध त्वचा विशेषज्ञों से संपर्क किया था। सिर की त्वचा से लिये गये नमूनों से प्रयोगशालाओं में कोई निष्कर्ष नहीं निकला था। कई प्रकार की ऐलोपैथिक औषधियों से भी कोई लाभ नहीं मिला था। बच्चे को स्कूल में मिले गृह कार्य को करने में परेशानी होती थी और उसमें आत्म विश्वास की कमी हो रही थी। इस वजह से यह विचार उत्पन्न हुआ कि जिस स्थान पर बच्चा रहता है वह किसी काले जादू के प्रभाव में है।/ 3 अगस्त 2018 को ऐलोपैथिक उपचार बन्द कर दिया गया और वाइब्रो उपचार शुरू किया गया तथा निम्न काम्बोज़ दिये गये: #1. CC11.2 Hair roblems + CC15.2 Psychiatric disorders + CC21.7 Fungus…TDS नारियल के तेल में इसमें विभूति मिलाकर त्वचा पर लेप करना था: #2. CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC17.3 Brain & Memory tonic + #1…QDS/ 3 सप्ताह के बाद सिर की त्वचा पर जमे सफेद कणों में 50% की कमी हुई परन्तु त्वचा के धब्बे अप्रभाविक रहे। अगले दो सप्ताह के बाद 8 सितम्बर 2018 को चिकित्सक ने यह अनुभव किया कि ठीक होने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है अतः उन्होंने औषधियो #1 व #2 को और अधिक शक्तिशाली बनाकर #3 व #4 औषधियों बनाई जिनमें निम्न काम्बोज़ का उपयोग किया गया है: #3. CC11.1 Hair tonic + CC17.2 Cleansing + CC21.2 Skin infections + CC21.3 Skin allergies + #1…TDS बाहरी उपयोग के लिये।/ #4. CC17.3 Brain & Memory tonic + #3…QDS/ 6 सप्ताह के बाद सफेद कण व धब्बे ठीक हो गये थे (देखे चित्र) अब सिर पर खुजली की समस्या भी दूर हो गई थी। उसकी सीखने व याद रखने की शक्ति आश्चर्यजनक रूप से बहुत बढ़ गई थी। अब वह अपना गृहकार्य प्रसन्नता पूर्वक करने लग गया था। औषधि #3 की खुराक को 6 सप्ताह के लिये OD करके उसे बन्द कर दिया गया। औषधि #4 की खुराक को एक माह के लिये TDS कर दिया गया उसके पश्चात् दो सप्ताह के लिये OD और फिर OW किया गया। दिसम्बर 2018 तक बालक को दुबारा लक्षण प्रकट नहीं हुये थे।/
10_1 557 hi_557 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi दुख, सदमा यहां क्लिक करें 10. प्रथमोपचार तथा चोट;15. मानसिक तथा भावनिक 11389 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/557 एक 46 वर्षीय घरेलु सहायक ने 27 अप्रैल 2017 को चिकित्सक से संपर्क किया। वह बहुत ही मायूस थी, उसकी 19-वर्षीय पुत्री 3 दिन पहले भाग गई थी। वह बहुत बड़े सदमें की स्थिति में थी, उसके दुख को किसी भी प्रकार से कम नहीं किया जा सकता था, तीव्र सिर दर्द से भी ग्रसित थी, सांस लेने में परेशानी हो रही थी और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह उच्च रक्त चाप से भी पीड़ित थी। परन्तु वह अधिक संवेदनशील नहीं थी, वह कोई औषधि नहीं ले रही थी।/ उसको निम्न उपचार दिया गया: #1. CC3.3 High Blood Pressure + CC10.1 Emergencies…6TD/ #2. NM6 Calming + SR327 Walnut…6TD/ दूसरे दिन ही उसको सिर दर्द और सांस लेने में 70% लाभ हो गया था। चैथे दिन वह पूर्णतया शांत नजर आ रही थी अतः वह अपने काम पर जाने लगी। जैसी ही वह सामान्य स्थिति में आयी खुराक को TDS कर दिया गया तथा 2 सप्ताह बाद उसे OD कर दिया गया। यद्यपि उसका पुत्री से कोई संपर्क नहीं हुआ था परन्तु अब वह सामान्य स्थिति में आ गई थी अतः उपचार को अगले 2 सप्ताह के बाद बन्द कर दिया गया। 6 माह बाद उसे मालूम हुआ कि उसकी पुत्री ने अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ विवाह कर लिया है और वह बिलकुल ठीक है।A/ emयदि 108CC काम्बो बाक्स का उपयोग किया जाता तो औषधि/em #2: CC15.1 Mental & Emotional tonic…6TD / /
10_1 558 hi_558 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 India hindi अम्लता, असंयमिता, श्रोणि की सूजन यहां क्लिक करें 13. गुर्दे तथा मूत्राषय;4.पचन प्रणाली 11601 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/558 एक 86-वर्षीय महिला कई प्रकार की जीर्ण बीमारियों से ग्रसित थी। पिछले एक वर्ष से वह सीने में जलन और भोजन के पश्चात् डकारें आने से परेशान थी। वह भोजन को आसानी से नहीं खा पाती थी क्योंकि उसके गले में निरंतर जलन होती रहती थी, भोजन नलिका में भी जलन होती थी। अम्लता की अधिकता के कारण रोगी चिकित्सक के पास 25 सितम्बर 2018 को पहुँची। पिछले एक माह से रात्रि के समय उसका बिस्तर भी गीला हो जाता था। दिन में भी उसको अनैच्छिक रूप से मूत्र हो जाता था, पेट के निचले भाग में दर्द भी होता था। इसका निदान UTI के रूप में किया गया था। गुर्दे में भी संक्रमण बताया था जिसके लिये उसने कुछ समय तक ऐलोपैथिक औषधियों का सेवन किया था। चूंकि उसे कोई आराम नहीं मिल रहा था अतः उसने उनका सेवन बंद कर दिया था। उसने यह भी बतलाया कि 46 वर्ष की आयु तक उसे कई बार हृदयाधात हुआ था तब से वह ऐलोपैथिक औषीधियों का सेवन कर रही है।/ चिकित्सक ने उसे निम्न उपचार दिया:/ #1. CC3.1 Heart tonic + CC3.7 Circulation + CC4.2 Liver & Gallbladder tonic + CC4.10 Indigestion + CC10.1 Emergencies + CC13.1 Kidney & Bladder tonic + CC13.2 Kidney & Bladder infections + CC13.3 Incontinence + CC15.1 Mental & Emotional tonic…हर दस मिनट के अन्तराल पर पूरे दिन और उसके पश्चात् 6TD / 2 दिनों में ही रोगी की सभी समस्यायें जो अम्लता, बिस्तर का गीला करना, असंयमिता, से संबंधित थी, ठीक हो गई। पेट के दर्द में भी 90% की कमी हो गई थी। 4 दिन पश्चात् 1 अक्टूबर 2018 को रोगी को अचानक पेट के निचले भाग में तीव्र दर्द हुआ और उसको हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। वह 2 सप्ताह तक ICU में रही जहाँ अनेकों प्रकार के टैस्ट किये गये। डॉक्टर्स ने शल्य क्रिया की सलाह दी परन्तु रोगी इसके प्रति इच्छुक नहीं थी। अतः उसको हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई इस सलाह के साथ कि जब कभी भी दर्द हो तो दर्द निवारक औषधि का सेवन कर लेवें। लेकिन इससे कोई आराम नहीं मिलता था। उसने 20 अक्टूबर 2018 को चिकित्सक से फिर संपर्क किया। चिकित्सक को नहीं पता था कि रोगी को क्या औषधि दी जाये अतः उसने स्वामी से मन की गहराईयों से प्रार्थना की। ध्यान की अवस्था में ही उसे निम्न उपचार देने की प्रेरणा प्राप्त हुई जो कि श्रोणि और उससे संबंधित अंगों के लिये थी:/ #2. CC4.3 Appendicitis + CC8.4 Ovaries & Uterus + CC8.5 Vagina & Cervix… हर 10 मिनट के अन्तराल पर एक घंटे तक तत्पश्चात् 6TD/ 2 दिन के अन्दर ही पेट के निचले भाग का दर्द बिलकुल ठीक हो गया। 5 दिन के बाद खुराक को TDS कर दिया। 8 सप्ताह बाद रोगी ने सूचित किया कि दुबारा दर्द नहीं हुआ। खुराक को OD कर दिया गया जिसे एक सप्ताह बाद बन्द कर दिया गया। 30 दिसम्बर 2018 तक रोगी पूर्णतया रोग मुक्त था।/ 2 दिन पश्चात् चिकित्सक रख रखाव हेतु निम्न उपचार देना चाहता था:/ #3. CC3.1 Heart tonic + CC4.10 Indigestion + CC12.1 Adult tonic…TDS, निवारक उपाय के रूप में।/ सम्पादकीय टिप्पणीः चिकित्सक ने हृदय और रक्त संचारक कॉम्बो बचाव की दृष्टि से मिलाये थे क्योंकि पहले हृदयाघात हो चुके थे। /
10_1 559 hi_559 hi hi hi_10_1 2019 जनवरी/फरवरी_10_1 Gabon hindi भ्रम, असंगत भाषण, संस्थाओं द्वारा कब्जा यहां क्लिक करें 15. मानसिक तथा भावनिक 3572 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/559 एक 33-वर्षीय युवक को उसकी बहन चिकित्सक के पास 3 अगस्त 2018 को प्रातः 2 बजे ले कर पहुँची। वह युवक भ्रम का शिकार था, असंगत भाषा बोलता था और रात्रि में सो नहीं पाता था। ये सभी समस्यायें उसको गत 2 सप्ताह से थी। उसके चाल-चलन इतने बेतुके थे कि घर का कोई भी सदस्य रात्रि में ठीक से सो नहीं पाता था। इसलिये इस युवक को उपचार के लिये असामान्य समय में लेकर आना पड़ा। घर पर उसके कारण सभी बच्चों में भय व्याप्त था। रोगी के अनुसार उसके दादा जी की आत्मा ने उस पर अधिकार किया हुआ है जो मुझे परिवार के भेदों को उगलवाने के लिये उकसाती रहती है। इसके कारण परिवार के सभी सदस्य नाराज थे। / वे युवक को कैथोलिक प्रीस्ट के पास ले गये वहाँ उसने बताया कि युवक नकारात्मक प्रवृत्तियों से ग्रस्त है। वहाँ कोई झाड़-फूंक नहीं किया गया। डाक्टर्स ने भी उसकी जाँच की और अवसाद का इलाज लिख दिया, जिसकी युवक ने केवल एक खुराक का सेवन किया था। उसकी इस दयनीय स्थिति को देखकर उसके नियोक्ता ने भी उसे कुछ दिनों के लिये कार्य मुक्त कर दिया था जिससे कि वह अपना उपचार करवा सके।/ रोगी को वाइब्रो उपचार पर पूर्ण विश्वास था, इसके अलावा वह कोई अन्य उपचार के लिये सहमत नहीं था। चिकित्सक ने उसे उपचार हेतु निम्न कोम्बोज़ दिये: #1.CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC15.2 Psychiatric disorders + CC15.6 Sleep disorders… हर दस मिनट के अंतराल पर 1 घंटे तक इसके पश्चात् 6TD/ #2. CC15.2 Psychiatric disorders + CC17.2 Cleansing…6TD पानी में मिला कर रोगी के ऊपर छिड़कने के लिये।/ उस रात्रि को रोगी आराम से सोया और दूसरे दिन सुबह-सुबह ही उसने यह अच्छी खबर चिकित्सक को दी। उसकी बहिन ने बतलाया कि उस रात भाई के बोलचाल में पहले जितना बेतुकापन नहीं था। दस दिन के बाद वह अपने काम पर लौट गया और उसके अगले दस दिनों में उसके स्वास्थ्य में 70% तक का लाभ हो गया था। उसके दो दिन बाद उसके सभी लक्षण समाप्त हो गये थे। अगले 2 सप्ताह में खुराक को कम करके OD कर दिया गया। 8 सितम्बर तक उसके अन्दर आत्मा ने भी बोलना बन्द कर दिया था। उपचार को 20 सितम्बर को बन्द कर दिया गया। दिसम्बर 2018 तक उसको किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। रोगी बिलकुल स्वस्थ्य था।/ /
9_5 522 hi_522 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 India hindi ममप्स यहां क्लिक करें 9.बुरवार तथा संक्र्रमण 11520 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/522 एक 55 वर्षीय वृद्ध को गर्दन में सूजन और दर्द था (कान के पिछले व नीचे की और) तथा 3 दिनों से बुखार भी था। उसके डाक्टर ने इसका कारण ममप्स होना बताया था। रोगी ने ऐलोपैथिक उपचार लिया था लेकिन थोड़ा ही फायदा हुआ था अतः उसने उपचार बन्द कर दिया।/ चिकित्सक ने 2 अप्रैल 2015 को निम्न उपचार दिया:/ CC9.2 Infections acute + CC9.4 Children’s diseases + CC15.1 Mental & emotional tonic…TDS/ 2 दिनों में ही रोगी को 90% आराम मिल गया था। बुखार समाप्त हो गया था दर्द और सूजन में काफी आराम मिल गया था। एक सप्ताह बाद 9 अप्रैल 2015 को दर्द और सूजन भी समाप्त हो गये थे। रोगी को दवा की खुराक को कम करने के लिये कहा गया लेकिन उसने उपचार ही बन्द कर दिया क्योंकि उसे अब कोई तकलीफ नहीं थी और वह पूर्णतया स्वस्थ्य हो गया था।/ /
9_5 523 hi_523 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 Mauritius hindi गुर्दे की पथरी और बालों का झड़ना यहां क्लिक करें 13. गुर्दे तथा मूत्राषय;11. सिर 3522 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/523 27 मई 2015 को एक 27 वर्षीय युवक चिकित्सक के पास गया। वह 2 माह से कमर दर्द से पीड़ित था। पिछले 6 माह से दर्द इतना अधिक बढ़ गया था कि वह दैनिक कार्य करने में भी परेशानी अनुभव करता था। स्कैन करने पर पता चला कि गुर्दे में पथरी है अतः लिथोट्रिप्सी (पथरी को तोड़ने के लिये अल्ट्रासाउन्ड का उपयोग) हेतु उसका नाम प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया। दर्द निवारक औषधि के अलावा वह और उपचार नहीं ले रहा था। वह पिछले 2 वर्षों से अपच और अम्लता से भी पीड़ित था। पाँच माह से उसके बाल अधिक झड़ने लग गये थे तथा बालों में रूसी भी थी। बाल झड़ने से बह बहुत दुखी था क्योंकि सिर पर जगह-जगह खाली स्थान नजर आने लगे थे। उसने रूसी को दूर करने के लिये शैम्पू आयुर्वेदिक तेल और विटामिन की गोलियों का भी सेवन किया परन्तु किसी भी विधि से रोग समाप्त नहीं हुआ। उसको निम्न औषधियाँ दी गई :/ गुर्दे की पथरी,अम्लता और अपच के लिये:/ #1. CC4.10 Indigestion + CC13.5 Kidney stones + CC15.1 Mental & Emotional tonic…TDS/ बाल झड़ने और रूसी के लिये :/ #2. CC11.2 Hair roblems + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC21.2 Skin infections …TDS/ एक माह पश्चात् पीठ दर्द में 50% आराम मिल गया था और अपच और अम्लता में 80% लाभ मिल गया था। परन्तु बालों के झड़ने में कोई लाभ नहीं हुआ था। दो माह पश्चात्, रोगी ने सूचित किया कि बालो के झड़ने में और रूसी में 40% लाभ हो गया है।/ लगभग 3 माह पश्चात्, कमर दर्द, अम्लता और अपच की समस्या पूर्णतया समाप्त हो गई थी। 30 अगस्त 2015 को ईकोग्राफी से पता चला कि गुर्दे की पथरी समाप्त हो गई है। रोगी के अनुसार यह सब रोग पूर्णतया समाप्त हो गये थे अतः #1 की खुराक को OD कर दिया गया। जिसका सेवन एक माह तक किया और 1 अक्टूबर 2015 को इसको भी बन्द कर दिया गया। हालांकि, वह अगले 3 महीने के लिए #2 की खुराक को लेते रहा।/ उपचार शुरू करने की तिथि से 30 दिसम्बर, 2015, यानि सात माह तक उपचार चला रोगी अब पहचान में नहीं आता था, अब उसके सिर पर बालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो गई थी। रूसी की समस्या पूर्णतया समाप्त हो गई थी और बालों का झड़ना भी समाप्त हो गया था। अतः #2 की खुराक को एक माह तक OD कर दिया गया तदपुरान्त उसे बन्द कर दिया गया।/ /
9_5 524 hi_524 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 India hindi कमर-दर्द, अनियमित मासिक धर्म यहां क्लिक करें 20. कंकाल, मासपेषीयां एवं जोड़;8.स्त्री अवयव 11595 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/524 28 फरवरी 2018 को एक 35-वर्षीय महिला ने बाइव्रो चिकित्सक से संपर्क किया। वह 6 माह से कमर दर्द से पीड़ित थी। दर्द सामने से पीछे की ओर जाता था फिर वह बायें पाँव के घुटने तक जाता था। दर्द के दौरान झुनझुनाहट भी होती थी जो शाम तक बढ़ जाती थी। रोगी यह समझती थी कि प्रतिदिन दुपहिया वाहन द्वारा लम्बी दूरी का सफर करना इसका कारण है। उसको अनियमित मासिक धर्म की समस्या काफी दिनों से थी। वह मासिक धर्म की देरी के लिये ऐलोपैथिक दवाओं का सेवन भी करती थी। हाल ही में उसने जाँच करवाई तो मालूम हुआ कि उसके यूटरस में गर्भाशय ग्रीवा शोथ तथा फैब्रोइड है। उसने पूरा ऐलोपैथिक उपचार करवाया। अभी वह किसी भी प्रकार का अन्य उपचार नहीं ले रही थी। वह केवल वाइब्रानिक्स उपचार ही ले रही थी। पानी में।/ उसको उपचार हेतु निम्न काम्बोज दिये गये :/ CC8.1 Female tonic + CC8.4 Ovaries & Uterus + CC8.8 Menses irregular + CC15.1 Mental & emotional tonic + CC20.1 SMJ tonic + CC20.5 Spine + CC20.7 Fractures…TDS पानी मेंI / एक सप्ताह के बाद रोगी के थोड़ी सी वृद्धि हुई (संभवतया पुल आऊट) कमर दर्द में, दो सप्ताह बाद उसने सूचित किया कि कमर दर्द में 80% तक की कमी हो गई है और मासिक धर्म भी बिना किसी ऐलोपैथिक दवा के नियमित हो गया है। तीन सप्ताह बाद 20 मार्च 2018 तक उसका कमर दर्द बिलकुल ठीक हो गया था अतः खुराक को BD कर दिया गया। अगले दो सप्ताह के बाद खुराक को OD कर दिया गया।/ अगस्त 2018 से सावधानी के तौर पर दवा को व OD के रूप में सेवन कर रही है। कमर दर्द फिर नहीं हुआ और मासिक धर्म भी 6 माह से नियमित रूप में हो रहा है।/ चिकित्सकीय टिप्पणी : CC20.7 Fractures को झटकों से बचाव की वजह से मिलाया गया था क्योंकि उसको प्रतिदिन दुपहिया वाहन पर आने-जाने में 2 घंटो तक सफर करना होता था। / /
9_5 525 hi_525 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 India hindi पैर की ऊँगलियों के मध्य दर्द यहां क्लिक करें 20. कंकाल, मासपेषीयां एवं जोड़ 11591 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/525 एक 29 वर्षीय युवती को 6 माह से बायें पाँव के अँगूठे और बाद वाली ऊँगली के मध्य दर्द का अहसास होता था चाहे वह बाईक पर चले या पैदल चले उस स्थान पर सूजन आ जाती थी जिसके कारण असहनीय दर्द होता था। अतः वह इधर-इधर चलने में भी असमर्थ हो गई थी। आराम करने पर दर्द कम हो जाता था।/ ऐक्स-रे के द्वारा जाँच करवाने पर भी कोई कारण दिखाई नहीं दिया था, इस कारण वह तनावग्रस्त रहती थी। उसके पति विदेश गये हुये थे, उसको अपने बीमार पिता का भी ध्यान रखना होता था अतः वह अत्यधिक कार्य बोध से भी ग्रसित थी। वह ऐलोपैथिक औषधि या दर्द निवारक औषधि का भी सेवन नहीं करती थीI वह केवल वाइब्रो उपचार पर ही विश्वास करती थी।/ 2 दिसम्बर 2017 को निम्न काम्बोज उपचार हेतु दिये गये :/ CC20.4 Muscles & Supportive tissue…TDS पानी में या विभूति में रोग ग्रस्त क्षेत्र में लगाना।/ औषधि को एक दिन सेवन करने से ही दर्द में पूर्ण आराम मिल गया। लेकिन दूसरे दिन ही दर्द फिर उभर गया। अतः उसको उसी दवा का सेवन करते रहने के लिये कहा गया। 19 दिन बाद उसने सूचित किया कि दर्द अब बिलकुल ठीक हो गया है तथा सूजन में भी 100% लाभ मिल गया है।/ ऐडीटर की टिप्पणी : बाहृय उपचार के साथ-साथ यदि औषधि का मुख द्वारा सेवन कराया जाता तो परिणाम जल्द प्राप्त होते। /
9_5 526 hi_526 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 India hindi अपवर्तक मिर्गी यहां क्लिक करें 18. तंत्रिका तंत्र/ स्नायू प्रणाली 11591 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/526 एक 18 वर्षीय युवक को पिछले वर्षों से प्रतिदिन मिर्गी के झटके अनुभव होते थे, उसने वाइब्रो चिकित्सक से 18 दिसम्बर 2017 को उपचार करने के लिये प्रार्थना की। बीमारी के आक्रमण के कारण वह जैसी भी स्थिति में होता था जमीन पर गिर जाता था। वह प्रतिदिन 4.5 बार मिर्गी के झटके महसूस करता था, यह स्थिति 2 से 3 सैकण्ड तक रहती थी। इसके पश्चात् उसे इस घटना की याद नहीं रहती थी। यह आक्रमण किसी भी समय कहीं पर भी हो जाता था। डॉक्टर्स ने इसको अपवर्तक मिर्गी (ड्रग रेसिसटेन्ट) नाम दिया था। इसके उपचार के लिये उन्होंने ब्रेन सर्जरी की अनुशंसा की थी क्योंकि यह बीमारी अत्यंत घातक थी। ऐलोपैथिक दवाओं का सेवन कर रहा था परन्तु उसका कोई लाभ नहीं हुआ।/ उसे निम्न काम्बो दिये गये तथा एलोपैथिक उपचार को सेवन करते रहने की सलाह भी दी:/ CC10.1 Emergency + CC15.1 Mental & Emotional tonic + CC18.3 Epilepsy…TDS/ बाइव्रो उपचार लेने से पहले तीन दिन तक उसे प्यास बहुत लगी। 5वें दिन से मिर्गी के दौरों की संख्या में कमी आने लगी। 10वें दिन संख्या, एक प्रतिदिन रह गई। 15वें दिन मिर्गी का दौरा नहीं पड़ा। ऐसा 2 वर्षों में पहली बार हुआ।/ 20वें दिन वह अनर्गल तरीके से बोलने लगा, उसकी ऐलोपैथिक औषधि बदल दी गई थी। वह ना तो खड़े रह सकता था और ना हीं बैठ पाता था और लगातार गिरता रहता था। उसको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, औषधि बदली गई, तदुपरान्त दूसरे दिन हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई।/ 25वें दिन के बाद से मिर्गी के दौरे कई माह तक बन्द रहे। उसके पश्चात् उसको 2-3 हफ्तों में कभी-कभी दौरे पड़ते थे लेकिन 2 से 3 सेकण्ड के लिये ही। अगस्त के आखिर से वह दोनों प्रकार की औषीधयों का सेवन कर रहा है। उसे दो माह से मिर्गी का दौरा नहीं पड़ा हैं।/ / /
9_5 527 hi_527 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 India hindi घबराहट यहां क्लिक करें 18. तंत्रिका तंत्र/ स्नायू प्रणाली;15. मानसिक तथा भावनिक 11271 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/527 एक 43 वर्षीय अध्यापक पिछले 10 वर्षों से आत्मविश्वास में कमी व घबराहट से पीड़ित था। घबराहट इस हद तक बढ़ गई थी कि वह श्याम-पट्ट पर ठीक प्रकार से लिख भी नहीं पाता था, इस कारण उसके व्यवसाय पर भी प्रभाव पड़ रहा था। आत्म विश्वास में कमी इस हद तक हो गई थी कि किसी व्यक्ति के सामने होने पर वह उपस्थिति पंज्जिका में अपने हस्ताक्षर करने से भी डरने लगा था। उसकी लेखन भी अस्पष्ट हो गई थी। डॉक्टर्स ने इसे तंत्रिका सम्बन्धी समस्या के रूप में निदान किया था। उसने कई प्रकार के उपचार लिये परन्तु किसी से समस्या का समाधान नहीं हुआ, अतः उसने वाइब्रो उपचार लेने का मानस बनाया।/ 11 अक्टूबर 2014 को रोगी को निम्न उपचार दिया गया :/ #1. CC18.1 Brain & Memory tonic + CC18.4 Paralysis + CC20.5 Spine…TDS / 4 सप्ताह पश्चात् रोगी पहले की अपेक्षा अच्छा महसूस करने लगा था, उसके हस्त लेखन में भी सुधार हुआ था, फिर भी वह आत्म विश्वास में कमी महसूस करता था। 8 नवम्बर 2014 को उसकी औषधियों में परिवर्तन करके निम्न काम्बोज दिये गये:/ #2. CC15.2 Psychiatric disorders + CC18.4 Paralysis + CC20.5 Spine…TDS/ 2 माह तक वाइब्रो उपचार लेने के पश्चात् उसकी हालत में 50% सुधार हो गया था। घबराहट में कमी व आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होने लगी थी। अब पूर्ण आत्मविश्वास से लेखन करने लगा था। और दो माह के पश्चात् सुधार 75% तक हो गया था। 9 मई 2015 तक सुधार 90% हो गया था। जुलाई 2015 तक वह सभी मानसिक विकारों से मुक्त हो गया था अतः खुराक को OD करने के लिये कहा गया लेकिन रोगी ने औषधि TDS के रूप में लेते रहने की इच्छा जाहिर की। अगस्त 2018 तक वह पूर्णतया स्वस्थ्य हो गया था फिर भी उपचार ले रहा है।/ ऐडीटर की टिप्पणी: चिकित्सक ने महसूस किया कॉम्बो CC20.5 का मिलाना अनावश्यक था परन्तु रोगी की स्वस्थ्य होने की प्रक्रिया ठीक थी अतः उस काम्बो को मिलाना जारी रखा। / /
9_5 528 hi_528 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 Australia hindi अनिद्रा यहां क्लिक करें 15. मानसिक तथा भावनिक 3564 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/528 एक 69 वर्षीय महिला दस वर्षों से अनिद्रा की समस्या से ग्रस्त थी। वह उपचार हेतु वाइब्रो चिकित्सक के पास पहुँची। उसका सोने का समय सामान्य तौर पर रात्रि 10 बजे का था। लेकिन एक घंटे के बाद ही उसकी नींद उचट जाती थी, इसके बाद उसको नींद नहीं आती थी अतः वह ऐलोपैथिक नींद की गोली का सेवन कर लेती थी। ऐलौपैथिक गोली के दुष्प्रभाव को महसूस करते हुये उसने स्वयं ही उसका सेवन बन्द कर दिया, 18 फरवरी 2018 से वह वाइब्रो औषधि का सेवन करने से पहले एलोपैथिक दवा नहीं ले रही थी।/ उसको निम्न कॉम्बो दिये गये:/ #1. CC15.6 Sleep disorders…एक गोली सोने से आधा घंटा पूर्व। यदि नींद न आये तो एक पिल हर दस मिनट के अंतर से एक घंटे तक। / 2 दिन तक औषधि का सेवन करने के बाद उसकी नींद में 90% तक सुधार हो गया था। एक गोली के सेवन से ही उसे नींद आने लगी थी और एक घंटे तक उसकी नींद टूटती नहीं थी लेकिन मध्य रात्रि में उसको एक गोली का सेवन करना पड़ता था। 3 माह तक उसी कॉम्बो को लेते रहने से, उसको मध्य रात्रि में गोली की आवश्यकता कभी-कभी ही होती थी।/ एक माह पश्चात् जून 2018 में उसे महसूस हुआ कि वह बिलकुल स्वस्थ हो गई है क्योंकि दूसरी खुराक की आवश्यकता (आधा घंटे के बाद) कभी-कभी ही पड़ती थी। मध्य रात्रि में दूसरी खुराक लेने की आवश्यकता कभी-कभी ही होती थी। यदि दूसरी खुराक की जरूरत होती थी तो दवा लेने के बाद तुरंत ही निद्रा आ जाती थी। / चिकित्सक की टिप्पणीःयह रोगी इस दवा से इतना अधिक प्रभावित हुई कि अपने मित्रों को इस दवा के चमत्कारी प्रभाव को बतलाने लगी। /
9_5 529 hi_529 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 India hindi मासिक धर्म का दर्द यहां क्लिक करें 8.स्त्री अवयव 11542 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/529 एक 16 वर्षीय युवती दो वर्षों से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से बहुत परेशान थी। दर्द इतना अधिक होता था कि वह तीन दिनों तक अपनी कक्षायों में उपस्थित नहीं हो पाती थी। वह दो वर्षों से ऐलोपैथिक औषधियों ले रही है परन्तु उनसे कोई लाभ नहीं मिला है। मई 2018 को मासिक धर्म के पहले दिन वाइब्रोचिकित्सक के पास पहुँची, उसको निम्न काम्बो दिये गये: / CC8.7 Menses frequent + CC8.8 Menses irregular…TDS / एक खुराक के लेने के एक घंटे बाद दर्द में 100% आराम मिल गया। इस चमत्कारी प्रभाव से वह आश्चर्य चकित हो गई। अगले तीन दिनों तक उसे दर्द नहीं हुआ अतः नियमित रूप से कॉलेज जाने लगी। बताई गई विधि से वह दवा का सेवन करती रही।/ अगले माह मासिक धर्म के पहले दिन मामूली सा दर्द हुआ परन्तु व नगण्य था, वह कॉलेज जाने में पूर्णतया सक्षम थी। बाकी के दो दिन में उसे दर्द का अनुभव नहीं हुआ अतः खुराक को OD कर दिया गया जिसको रोगी अगस्त 2018 तक ले रही थी, उसको दर्द भी नहीं हुआ।/ /
9_5 530 hi_530 hi hi hi_9_5 2018 सितंबर/अक्टूबर_9_5 India hindi स्पोन्डिलाइटिस (कशेरूका संधिशोध) यहां क्लिक करें 20. कंकाल, मासपेषीयां एवं जोड़ 11542 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/530 एक 62 वर्षीय पुरूष 6 माह से गर्दन दर्द से पीड़ित होने के कारण उपचार हेतु वाइब्रो चिकित्सक के पास पहुँचा। डॉक्टर की सलाह पर उसने गर्दन में कॉलर पहना हुआ था। उसे निम्न कॉम्बो दिये गये :/ CC20.1 SMJ tonic + CC20.3 Arthritis + CC20.5 Spine…6TD/ दवा का प्रारम्भ करने के 24 घंटों में ही 25% आराम मिल गया, और तीन दिन के बाद दर्द में 50% आराम आ गया था। दस दिनों के उसे पूर्ण आराम (100%) मिल गया था अतः उसने गर्दन में कॉलर पहनना बन्द कर दिया। औषधि की खुराक को एक माह के लिये OD कर दिया। तदुपरान्त उपचार बन्द कर दिया गया।/ /
9_3 501 hi_501 hi hi hi_9_3 2018 मई/जून_9_3 India hindi गुहेरी यहां क्लिक करें 7.नेत्र/आॅंरवें 11583 ‘=https://news.vibrionics.org/hi/case_histories/501 28 नवम्बर 2016 को एक 40 वर्षीय महिला ने जैसे ही अपनी दायीं आखँ पर गुहेरी होने के लक्षण, अचानक खुजली, जलन, पानी आना और आखँ में ललाई, ज्ञात हुये उसने उपचार हेतु चिकित्सक से सम्पर्क किया। यह समस्या 10 वर्ष पहले शुरु हुई थी और 6 माह पश्चात् फिर से उभर जाती थी। हर बार, ऐलौपैथिक चिकित्सक ऐन्टीबायोटिक्स दे देते थे और समस्या दो सप्ताह में ठीक हो जाती थी।/ उसको निम्न औषधि दी गईः CC7.3 Eye infections…एक खुराक 10 मिनिट के अन्तराल से 2 घंटे तक, उसके उपरान्त 6TD/ पहले दिन के उपचार के पश्चात् रोग के लक्षणों में 40% तक का सुधार हो गया था। उसके 2 दिन के पश्चात् सुधार 80% हो गया था अतः खुराक को TDS कर दिया गया। कुल 5 दिनो के उपचार से रोगी रोग से पूर्णतया मुक्त हो गई थी। अतः उपचार को बन्द कर दिया गया। यह ध्यान देने योग्य बात है कि इस उपचार के दौरान रोगी ने किसी अन्य प्रकार का उपचार नहीं लिया था। ऐलोपैथिक उपचार से रोगी को ठीक होने में औसतन 10-14 दिन का समय लगता था अपने परिवार वालों के उपचार के लिय चिकित्सक के यहाँ जाने पर उसने बताया है, गुहेरी दुबारा नही हुई!/ सम्पादकीय टिप्पणी: इस केस में यद्यपि रोगी को पूर्ण आराम मिल गया था फिर भी उपचार को एकदम बन्द नही कर देना चाहिये। इस प्रकार की जीर्ण समस्याओं में उपचार को धीरे धीरे खुराक को कम करते हुये बन्द करना चाहिये। / /
